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आधी सर्दी गुजर गई, आदेश फाइलों में दबा रहा: वाराणसी में गोवंश को ठंड से बचाने के निर्देश की खुली पोल, डीएम के औचक निरीक्षण में मचा हड़कंप

Published on: January 3, 2026
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जागृत भारत | वाराणसी(Varanasi): जिले के काशी विद्यापीठ ब्लॉक अंतर्गत बंदेपुर गांव स्थित वृहद गोवंश आश्रय स्थल का गुरुवार देर रात जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने औचक निरीक्षण किया। अचानक हुए इस निरीक्षण में गोवंश की देखभाल से जुड़ी कई गंभीर लापरवाहियां सामने आईं, जिस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई।

ठंड से बचाव के आदेश हवा में, गायों को नहीं ओढ़ाए गए बोरे

निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर मामला गोवंश को ठंड से बचाने से जुड़ा सामने आया। जिलाधिकारी ने बताया कि पहले ही जिला आपूर्ति अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि कोटे की दुकानों से बोरे उपलब्ध कराकर गोवंश आश्रय स्थल भेजे जाएं, ताकि सर्दी से पशुओं को बचाया जा सके।
इसके बावजूद आधी सर्दी बीत जाने के बाद भी गोवंश को बोरे नहीं ओढ़ाए गए थे। इस लापरवाही पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जताई।

निरीक्षण के बाद आनन-फानन में पहुंचे बोरे

जिलाधिकारी के निरीक्षण की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। आदेश के बाद तत्काल कोटे की दुकान से बोरे मंगवाकर गोवंश आश्रय स्थल पर पहुंचाए गए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि ऐसे मामलों में केवल निरीक्षण के समय ही नहीं, बल्कि लगातार जिम्मेदारी निभाई जानी चाहिए।

अलाव जलाने के भी दिए निर्देश

डीएम सत्येंद्र कुमार ने ठंड को देखते हुए गोवंश आश्रय स्थल में नियमित रूप से अलाव जलाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि कड़ाके की ठंड में केवल बोरे ही नहीं, बल्कि अलाव की व्यवस्था भी जरूरी है, ताकि पशु बीमार न हों।

194 गोवंश में एक मिला बीमार, पशु चिकित्सक से मांगा जवाब

निरीक्षण के दौरान गोवंश आश्रय स्थल में कुल 194 गोवंश मौजूद पाए गए। इनमें से एक गोवंश बीमार अवस्था में मिला। इस पर जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय पशु चिकित्सक से स्पष्टीकरण तलब किया और निर्देश दिया कि बीमार पशुओं की नियमित जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाए।

साफ-सफाई की स्थिति पर भी जताई नाराजगी

गोवंश आश्रय स्थल में साफ-सफाई की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। डीएम ने इस पर नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गंदगी के कारण गोवंश के बीमार होने की आशंका बनी रहती है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

रात में निगरानी और वीडियोग्राफी के निर्देश

जिलाधिकारी ने बीडीओ राजेश यादव को निर्देश दिया कि गोवंश आश्रय स्थल की रात्रिकालीन निगरानी नियमित रूप से की जाए। इसके साथ ही प्रत्येक निरीक्षण की वीडियोग्राफी कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजने के निर्देश भी दिए गए।

भूंसा, पेयजल और संसाधनों की भी हुई जांच

निरीक्षण के दौरान डीएम ने भूंसा, पेयजल, चारा और अन्य आवश्यक संसाधनों की भी गहन जांच की। उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में गोवंश के लिए भोजन और पानी की कमी नहीं होनी चाहिए।

अधिकारी मौके पर रहे मौजूद

इस औचक निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रखर सिंह, एडीओ (ग्राम विकास) त्रिवेणी उपाध्याय, क्षेत्रीय पशु चिकित्साधिकारी डॉ. लवलेश सिंह, ग्राम सचिव विजय कुमार सहित कई अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

डीएम का सख्त संदेश—लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गोवंश की देखभाल और स्वास्थ्य को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए और गोवंश की स्थिति में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

प्रशासनिक सख्ती से सुधार की उम्मीद

डीएम के इस औचक निरीक्षण से यह साफ हो गया है कि प्रशासन गोवंश कल्याण को लेकर गंभीर है। उम्मीद की जा रही है कि इस सख्ती के बाद गोवंश आश्रय स्थलों की व्यवस्था में सुधार होगा और भविष्य में ऐसी लापरवाहियां दोहराई नहीं जाएंगी।

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