Breaking News

राज्यसभा में राघव चड्ढा ने उठाया ‘रेफरल कमीशन’ का मुद्दा, बोले- मरीजों की जेब पर पड़ रहा है कट मनी सिस्टम का बोझ

Published on: August 7, 2026
Raghav Chadha raised the issue in the Rajya Sabha.

जागृत भारत,नई दिल्ली : राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने गुरुवार को संसद में डॉक्टरों और डायग्नोस्टिक सेंटरों के बीच कथित रेफरल कमीशन व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए इसे मरीजों के हितों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में मरीजों को जानबूझकर विशेष डायग्नोस्टिक सेंटर भेजा जाता है, जहां से डॉक्टरों को कथित तौर पर कमीशन मिलता है।

सदन में बोलते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि कुछ डॉक्टरों और डायग्नोस्टिक सेंटरों के बीच “रेफरल इंसेंटिव” और “कट मनी अरेंजमेंट” जैसी व्यवस्था चल रही है। उनके अनुसार, यह एक अनौपचारिक तंत्र बन चुका है, जिसमें मरीजों को रेफर करने के बदले डॉक्टरों को निश्चित राशि या अन्य लाभ दिए जाते हैं।

उन्होंने दावा किया कि मेडिकल प्रोफेशन की भाषा में इसे “डॉक्टर रेफरल कमीशन” कहा जाता है, जबकि डायग्नोस्टिक सेंटर अपने खातों में इसे “मार्केटिंग एक्सपेंस” के रूप में दर्ज करते हैं। चड्ढा ने आरोप लगाया कि कई मामलों में यह कमीशन जांच की कुल लागत के प्रतिशत के रूप में दिया जाता है और कुछ स्थानों पर डॉक्टरों को विदेश यात्राओं जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।

मेडिकल नियमों का किया जिक्र

राघव चड्ढा ने कहा कि 2002 में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) के कोड ऑफ एथिक्स रेगुलेशन के तहत इस तरह की फीस स्प्लिटिंग पर रोक लगाई गई थी। इसके बाद 2023 में नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर रेगुलेशन, 2023 में भी रेफरल कमीशन को स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित किया और उल्लंघन की स्थिति में एक से तीन महीने तक निलंबन का प्रावधान किया।

‘मरीजों पर पड़ता है आर्थिक बोझ’

सांसद ने कहा कि इस कथित कमीशन का खर्च डायग्नोस्टिक सेंटर नहीं उठाते, बल्कि इसे जांच के बिल में जोड़कर मरीजों से वसूला जाता है। उन्होंने इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल एथिक्स का हवाला देते हुए दावा किया कि इस वजह से कई मामलों में मरीजों का मेडिकल बिल 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ सकता है।

‘डॉक्टरों के नहीं, व्यवस्था के खिलाफ हैं’

राघव चड्ढा ने कहा कि उनकी मांग डॉक्टरों के खिलाफ नहीं, बल्कि कथित “कट मनी रेफरल सिस्टम” के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि देश के अधिकांश डॉक्टर पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ मरीजों का इलाज करते हैं और समाज में उनका स्थान बेहद सम्मानजनक है। हालांकि, उन्होंने चिंता जताई कि कुछ डॉक्टर इस कथित रेफरल व्यवस्था का हिस्सा बन रहे हैं, जिससे अनावश्यक मेडिकल जांच और ओवर-रेफरल जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं।

सांसद ने सरकार से इस कथित व्यवस्था पर सख्त कार्रवाई करने और मरीजों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।


इसे भी पढ़ें : FCRA संशोधन पर फिर गरमाई बहस, विदेशी ईसाई संगठनों ने जताई चिंता; सरकार बोली- उद्देश्य सिर्फ पारदर्शिता


Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Read Also

Deoria Second Monday of Sawan

देवरिया: सावन के दूसरे सोमवार को नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, हर-हर महादेव से गूंजा परिसर

Deoria POCSO Act cases

देवरिया: पॉक्सो एक्ट के मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार, मलसी चौराहे से बघौचघाट पुलिस ने दबोचा

Abhishek Banerjee abroad

अभिषेक बनर्जी ने विदेश में आंखों के इलाज की अनुमति न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट का खटखटाया दरवाजा

SP-BSP regarding PDA

PDA को लेकर सपा-बसपा में जुबानी जंग तेज, आकाश आनंद बोले- ‘सपा का असली मतलब पब्लिक डराओ अभियान’

Pakistani flags in Kushinagar

कुशीनगर में पाकिस्तानी झंडे के साथ फोटो पोस्ट करने का आरोप, पुलिस ने युवक को किया गिरफ्तार

China in the South China Sea conflict

दक्षिण चीन सागर संघर्ष में चीन ने एक साल बाद मानी 2 सैनिकों की मौत, फिलीपींस से टकराव में गई थी जान

Leave a Reply

error: Content is protected !!