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यूपी बजट सत्र कल से शुरू, 11 फरवरी को आएगा करीब 9 लाख करोड़ का बजट; विकास, रोजगार और जनकल्याण पर रहेगा फोकस

Published on: February 8, 2026
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जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। सत्र से पहले सभी प्रशासनिक और सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सत्र शुरू होने से पहले सत्ता पक्ष और विपक्षी दलों की अलग-अलग बैठकें होने की संभावना है, जिनमें आगामी कार्यवाही और रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

11 फरवरी को पेश होगा करीब 9 लाख करोड़ रुपये का बजट

प्रदेश सरकार की ओर से 11 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया जाएगा। इस बार बजट का आकार करीब 9 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। सरकार का मुख्य फोकस प्रदेश के समग्र विकास और आम नागरिकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर रहेगा।

इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़क, पुल और शहरी विकास पर बड़े खर्च की संभावना

सरकार बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान देने जा रही है। सड़क निर्माण, पुल, शहरों के विकास और अन्य आधारभूत परियोजनाओं पर बड़े पैमाने पर खर्च किए जाने की संभावना है, ताकि प्रदेश के आर्थिक और शहरी विकास को गति मिल सके।

पिछले वर्ष के 8.08 लाख करोड़ के बजट से भी बड़ा होगा नया बजट

पिछले वित्तीय वर्ष में उत्तर प्रदेश सरकार ने करीब 8.08 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था, जो उससे पिछले साल की तुलना में 9.8 प्रतिशत अधिक था। इस बार का बजट उससे भी बड़ा होने की उम्मीद है और इसमें जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा।

युवाओं के रोजगार, किसानों की सहायता और गरीब वर्ग के लिए विशेष प्रावधान

सरकार युवाओं को रोजगार देने, किसानों की आर्थिक सहायता और गरीब व जरूरतमंद वर्ग के लिए चलाई जा रही योजनाओं पर पर्याप्त धनराशि खर्च करने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, खाद्य सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत बनाने की भी योजना है, ताकि इनका लाभ प्रदेश के हर नागरिक तक पहुंच सके। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी बजट में विशेष प्रावधान किए जा सकते हैं।

इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा आवंटन का अनुमान

अनुमान है कि कुल बजट का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर, 15 प्रतिशत शिक्षा, 12 प्रतिशत कृषि, 8 प्रतिशत स्वास्थ्य और 5 प्रतिशत सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर खर्च किया जाएगा। सरकार विकास के साथ-साथ वित्तीय संतुलन बनाए रखने की रणनीति पर भी काम कर रही है।

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सुरक्षा और व्यवस्थाओं की समीक्षा की

विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने वर्ष 2026 के प्रथम सत्र के सुचारु और सुरक्षित संचालन को लेकर अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। उन्होंने सत्र के दौरान किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को सुरक्षा में किसी भी स्तर पर चूक न होने के निर्देश दिए।

क्यूआरटी, एंटी एक्सप्लोसिव जांच और यातायात प्रबंधन की विशेष व्यवस्था

सत्र के दौरान क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) की तैनाती, एंटी एक्सप्लोसिव एवं एंटी सबोटाज जांच व्यवस्था, सभी प्रवेश द्वारों की सख्त सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और विधायकों के साथ आने वाले सुरक्षा कर्मियों के बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। विधान भवन परिसर में सदस्यों के सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन और प्रभावी सुरक्षा जांच की भी समीक्षा की गई।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुई तैयारियों की समीक्षा

समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव विधानसभा प्रदीप कुमार दुबे, पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि लोकतांत्रिक गरिमा और संसदीय परंपराओं की रक्षा के लिए सुरक्षा और सुविधा के बीच संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है।

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