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JPSC-JSSC विवाद पर झुकी हेमंत सरकार, छात्रों से वार्ता के लिए चार मंत्रियों की समिति गठित

Published on: August 6, 2026
JPSC-JSSC bows down to dispute

जागृत भारत,रांची : झारखंड में जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में कई दिनों से जारी छात्रों के आंदोलन के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत के लिए चार सदस्यीय मंत्रिस्तरीय समिति गठित करने का फैसला किया है।

सरकार का उद्देश्य छात्रों की मांगों पर सीधे संवाद कर समाधान निकालना है। इससे पहले प्रशासन की ओर से एसडीओ और एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) को वार्ता के लिए भेजा गया था, लेकिन अब सरकार ने मंत्रिस्तरीय स्तर पर बातचीत की पहल की है।

चार मंत्रियों की समिति करेगी वार्ता

सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित समिति में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह, समाज कल्याण मंत्री चमरा लिंडा और श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव शामिल हो सकते हैं। यह समिति आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात कर उनकी प्रमुख मांगों पर चर्चा करेगी।

सीएम बोले- सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े छात्रों की समस्याएं गंभीर होती जा रही हैं और सरकार उन्हें पूरी संवेदनशीलता के साथ देख रही है।

उन्होंने कहा, “सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। जिनकी भी सरकार से कोई मांग है, वे अपनी बात रख सकते हैं। सरकार ठोस समाधान की दिशा में आगे बढ़ेगी।”

सीएम ने यह भी बताया कि जेपीएससी से जुड़े मामलों की जांच जारी है और सरकार आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उन्होंने राज्यपाल से भी चर्चा की है।

भाजपा ने सरकार और कांग्रेस पर साधा निशाना

इस बीच झारखंड भाजपा अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने भी आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2019 से राज्य में हुई कई प्रतियोगी परीक्षाओं पर सवाल उठते रहे हैं और कथित पेपर लीक व भर्ती अनियमितताओं से छात्र परेशान हैं।

आदित्य साहू ने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्रों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उनके अनुसार, प्रदर्शन स्थल पर पंडाल लगाने की अनुमति नहीं दी गई, बिजली काटी गई और भारी बारिश के बावजूद छात्र खुले आसमान के नीचे धरना देने को मजबूर हैं।

कांग्रेस से पूछा सवाल

भाजपा सांसद ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली में छात्रों के मुद्दों पर मुखर रहने वाली कांग्रेस झारखंड में चुप क्यों है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में छात्रों के साथ है तो उसके शीर्ष नेताओं को झारखंड आकर आंदोलनरत छात्रों का समर्थन करना चाहिए।

छात्रों की प्रमुख मांगें

प्रदर्शनकारी छात्र JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। सरकार और छात्रों के बीच होने वाली वार्ता पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।


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