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गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत देवरिया में निकली प्रार्थना यात्रा, डीएम को सौंपा 5 लाख हस्ताक्षरों वाला ज्ञापन

Published on: July 28, 2026
Cow respect call campaign
जागृत भारत,देवरिया : गौ संरक्षण, गोवंश के संवर्धन और गौमाता के सम्मान से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को देवरिया में गौ सम्मान आह्वान अभियान के तहत एक विशाल प्रार्थना यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा में संत-महात्माओं, गौसेवकों, किसानों, अधिवक्ताओं, व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों तथा विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। यात्रा शांतिपूर्ण और धार्मिक वातावरण में संपन्न हुई, जिसमें गौ संरक्षण के प्रति जनजागरण और सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक विधि-विधान के साथ गौमाता पूजन, शंखनाद और सामूहिक मंत्रोच्चार से हुई। उपस्थित लोगों ने गौ सेवा और गौ संरक्षण का संकल्प लेते हुए अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। इसके बाद श्रद्धालुओं और अभियान से जुड़े लोगों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर प्रार्थना यात्रा निकाली, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची।
कलेक्ट्रेट पहुंचने पर अभियान के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसे भारत सरकार के नाम प्रेषित करने का अनुरोध किया गया। अभियान के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस ज्ञापन के समर्थन में लगभग 5 लाख नागरिकों के हस्ताक्षर एकत्र किए गए हैं। उनका कहना था कि यह हस्ताक्षर अभियान देशभर में गौ संरक्षण और गौ सम्मान के प्रति बढ़ती जनभावनाओं का प्रतीक है।
ज्ञापन में कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल की गई हैं। इनमें सबसे प्रमुख मांग गौहत्या निषेध के लिए पूरे देश में एक समान केंद्रीय कानून लागू करने की है। इसके अलावा गोमाता को ‘राष्ट्रमाता’ का सम्मान देने, गोचर (चरागाह) भूमि के संरक्षण और अतिक्रमण मुक्त कराने, तथा राष्ट्रीय गौ नीति तैयार कर उसके प्रभावी क्रियान्वयन की मांग भी की गई। प्रतिनिधियों का कहना था कि गौवंश भारतीय कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए इसके संरक्षण के लिए व्यापक और दीर्घकालिक नीति की आवश्यकता है।
अभियान के वक्ताओं ने कहा कि गौ संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक खेती, जैविक कृषि और ग्रामीण आत्मनिर्भरता से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि गोवंश का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए तो इससे किसानों को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में मदद मिल सकती है।
प्रार्थना यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में अनुशासन और शांति बनाए रखी गई। प्रतिभागियों ने भजन-कीर्तन और वैदिक मंत्रोच्चार के माध्यम से अपने संदेश को लोगों तक पहुंचाया। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के आवश्यक प्रबंध किए गए थे ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
कार्यक्रम के अंत में अभियान के प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार से ज्ञापन में उल्लिखित मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए शीघ्र निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने विश्वास जताया कि जनसहभागिता और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रयासों के माध्यम से गौ संरक्षण से जुड़े मुद्दों पर व्यापक राष्ट्रीय चर्चा को बढ़ावा मिलेगा।

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