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153 किमी का नेशनल हाईवे बनेगा सिक्स लेन, 27 हजार करोड़ की मंजूरी से पूर्वी यूपी से नेपाल तक जुड़ेगा सीधा रास्ता

Published on: February 2, 2026
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जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): पूर्वी यूपी की तराई, अंतरराष्ट्रीय बौद्ध तीर्थ श्रावस्ती और पड़ोसी देश नेपाल को जोड़ने वाला अहम मार्ग अब विकास की नई रफ्तार पकड़ेगा। केंद्र सरकार ने 153 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग को सिक्स लेन हाईवे में तब्दील करने के लिए 27,927 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है।

सीमावर्ती जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

इस महत्वाकांक्षी परियोजना से बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती जिले सीधे तौर पर लाभांवित होंगे। हाईवे के सिक्स लेन बनने से सीमावर्ती इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और नेपाल से अंतरराष्ट्रीय आवागमन और अधिक सुगम बनेगा।

पर्यटन, व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

हाईवे के उन्नयन से कतर्नियाघाट, दुधवा और सोहेलवा जैसे प्रमुख फॉरेस्ट और इको-टूरिज्म स्थलों तक पहुंच आसान होगी। इससे न सिर्फ पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

153 किमी मार्ग को आधुनिक मानकों पर किया जाएगा विकसित

बाराबंकी से बहराइच होते हुए रुपईडीहा (नेपाल सीमा) तक जाने वाला यह मार्ग अंतरराष्ट्रीय दृष्टि से बेहद अहम है। वर्ष 2014 से पहले इस 153 किमी सड़क का निर्माण लगभग 1600 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था। अब इसे आधुनिक मानकों के अनुसार सिक्स लेन हाईवे में विकसित किया जाएगा।

चार चरणों में सर्वे, भूमि अधिग्रहण शुरू

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा इस परियोजना का चार चरणों में सर्वे पूरा कर लिया गया है। सड़क के दोनों ओर सिक्स लेन के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है।

रोजाना 20 हजार से ज्यादा वाहन गुजरते हैं

बाराबंकी-रुपईडीहा मार्ग से 24 घंटे में औसतन 20 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं। सिक्स लेन हाईवे बनने के बाद यातायात का दबाव कम होगा और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।

सरयू नदी पर बनेगा नया पुल

नेपाल मार्ग पर स्थित सरयू नदी का संजय सेतु जर्जर अवस्था में है। जोड़ वाले हिस्सों में बढ़ती दरारों के कारण यातायात जोखिम भरा हो गया है। नई परियोजना के तहत सरयू नदी पर दूसरा पुल बनाया जाएगा। इसके अलावा सरयू, कल्याणी और शारदा सहायक नहर सहित कुल आठ सेतुओं के निर्माण का प्रस्ताव है।

फोर लेन को पहले ही मिल चुकी है मंजूरी

एनएचएआइ के अनुसार, बाराबंकी से बहराइच तक 99 किमी और बहराइच से नेपाल सीमा तक 54 किमी मार्ग को पहले ही फोर लेन बनाने की मंजूरी मिल चुकी है। हाईवे के विकसित होने से तराई क्षेत्र का सफर और अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक होगा।

— अनंत मौर्य, चीफ इंजीनियर, एनएचएआइ

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