पिकलबॉल का क्रेज़ और बढ़ता खतरा
पिकलबॉल (Pickleball) दुनिया भर में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। टेनिस, बैडमिंटन और पिंग पोंग का मिश्रण यह खेल हर उम्र के लोगों को आकर्षित कर रहा है। लेकिन खेल जितना आसान लगता है, उतनी ही तेजी से इसमें इंजरी (चोटों) के मामले भी बढ़ रहे हैं।
हाल ही में हेल्थ एक्सपर्ट्स ने बताया कि पिकलबॉल से जुड़ी चोटों की संख्या में खासकर 40 वर्ष से अधिक उम्र के खिलाड़ियों में इजाफा हुआ है। मांसपेशियों में खिंचाव, टखनों की मोच, घुटनों की समस्या और शोल्डर पेन जैसी चोटें आम हो रही हैं।
चोटें क्यों बढ़ रही हैं?
अचानक शुरू करना – कई लोग बिना वार्म-अप के सीधे खेलना शुरू कर देते हैं।
फिटनेस लेवल की कमी – रोज़ाना एक्सरसाइज न करने वाले लोग खेलते समय अधिक दबाव डाल लेते हैं।
उम्र का असर – बढ़ती उम्र में हड्डियाँ और मांसपेशियां पहले जैसी मजबूत नहीं रहतीं।
गलत तकनीक – सही पोजीशन या मूवमेंट का ध्यान न रखना चोटों को बढ़ावा देता है।
ओवरप्लेइंग – लंबे समय तक लगातार खेलना भी शरीर पर अतिरिक्त दबाव डालता है।
शरीर को खेल के लिए कैसे तैयार करें?
✅ 1. वार्म-अप और स्ट्रेचिंग करें
खेल शुरू करने से पहले 10-15 मिनट की हल्की जॉगिंग, स्क्वाट्स और स्ट्रेचिंग चोटों का खतरा कम कर सकती है।
✅ 2. कोर और लेग मसल्स मजबूत बनाएं
नियमित रूप से प्लैंक्स, लंजेस और स्क्वाट्स करने से बैलेंस और मूवमेंट बेहतर होता है।
✅ 3. सही फुटवियर चुनें
नॉन-स्लिप सोल और सपोर्टिव शूज़ चोटों से बचाव के लिए बेहद ज़रूरी हैं।
✅ 4. धीरे-धीरे खेल का समय बढ़ाएँ
अगर आप नए खिलाड़ी हैं तो शुरुआत में 20-25 मिनट ही खेलें। धीरे-धीरे समय और इंटेंसिटी बढ़ाएँ।
✅ 5. पर्याप्त हाइड्रेशन और डाइट
शरीर को हाइड्रेटेड रखें और प्रोटीन, कैल्शियम व विटामिन-डी से भरपूर डाइट लें ताकि हड्डियाँ मजबूत रहें।
✅ 6. कूल-डाउन एक्सरसाइज न भूलें
खेल खत्म होने के बाद हल्की स्ट्रेचिंग और रिलैक्सेशन मसल्स को आराम देती है और रिकवरी तेज़ करती है।
डॉक्टरों की सलाह
ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों का कहना है कि पिकलबॉल खेलने से पहले यदि खिलाड़ी अपनी फिटनेस और सही तकनीक पर ध्यान दें तो चोटों का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।
जो लोग पहले से घुटनों, पीठ या शोल्डर की समस्या से जूझ रहे हैं, उन्हें खेल शुरू करने से पहले फिजियोथेरेपिस्ट या डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
निष्कर्ष
पिकलबॉल फिटनेस और मनोरंजन का शानदार खेल है, लेकिन इसकी लोकप्रियता के साथ चोटों का खतरा भी बढ़ा है। अगर खिलाड़ी वार्म-अप, सही गियर और फिटनेस रूटीन अपनाएँ तो इस खेल का आनंद सुरक्षित तरीके से लिया जा सकता है।
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