Breaking News

महिला सुरक्षा पर योगी सरकार का बड़ा कदम: यूपी के 200 छोटे शहर बनेंगे ‘सेफ सिटी’, सीसीटीवी से होगी 24×7 निगरानी

Published on: January 21, 2026
up-women-safety-200-small-cities-safe-city-project-yogi-government

जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को एक नया और व्यापक आयाम देने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत नगर पालिका परिषद वाले 200 छोटे शहरों को महिलाओं के लिए सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से सेफ सिटी प्रोजेक्ट के दायरे में लाया जाएगा। इस योजना के तहत इन शहरों में सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा, ताकि महिलाएं दिन और रात दोनों समय खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।


सीसीटीवी, पिंक शौचालय और स्ट्रीट लाइट पर रहेगा फोकस

सेफ सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत इन 200 शहरों में महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही महिलाओं की सुविधा के लिए पिंक शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा। सरकार की योजना है कि शहरों के प्रमुख चौराहों, बाजारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन के आसपास और भीड़भाड़ वाले इलाकों में स्ट्रीट लाइटें और जरूरत के अनुसार हाईमास्ट लाइटें लगाई जाएं, जिससे रात के समय भी पूरे शहर में पर्याप्त रोशनी बनी रहे।


50 करोड़ रुपये के बजट का प्रस्ताव

महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रावधान करने का प्रस्ताव रखा है। अधिकारियों के अनुसार, जरूरत पड़ने पर भविष्य में इस बजट को और बढ़ाया जा सकता है।
यह राशि मुख्य रूप से सीसीटीवी नेटवर्क, पिंक शौचालय, स्ट्रीट लाइट, हाईमास्ट लाइट और अन्य सुरक्षा से जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास पर खर्च की जाएगी।


पहले चरण में 17 नगर निगम पहले ही बन चुके हैं सेफ सिटी

प्रदेश सरकार पहले ही स्मार्ट सिटी योजना के पहले चरण में 17 नगर निगम वाले शहरों को सेफ सिटी के रूप में विकसित कर चुकी है। इन शहरों में महिला सुरक्षा से जुड़े कई आधुनिक इंतजाम किए गए हैं। अब सरकार का लक्ष्य है कि दूसरे चरण में सभी 200 नगर पालिका परिषदों को सेफ सिटी बनाकर इस व्यवस्था का विस्तार किया जाए। इस संबंध में उच्चाधिकारियों की बैठक में सहमति बन चुकी है।


बजट मंजूरी के बाद शुरू होगा सर्वे

अधिकारियों के मुताबिक, नए बजट में प्रावधान होने के बाद विस्तृत सर्वे का काम शुरू किया जाएगा। इस सर्वे में यह आकलन किया जाएगा कि किस शहर में कितने स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं, किन इलाकों में पिंक शौचालयों की जरूरत है और कहां अतिरिक्त स्ट्रीट या हाईमास्ट लाइटें लगानी होंगी।सर्वे के बाद संबंधित नगर पालिका परिषदों से प्रस्ताव मांगे जाएंगे, ताकि स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाओं को लागू किया जा सके।


कमांड कंट्रोल रूम से होगी 24×7 निगरानी

सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत लगाए जाने वाले सभी सीसीटीवी कैमरों को कमांड कंट्रोल रूम से जोड़ा जाएगा। इससे शहर के हर प्रमुख और संवेदनशील स्थान पर 24 घंटे निगरानी संभव हो सकेगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य न सिर्फ अपराध पर अंकुश लगाना है, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना भी है।


महिलाओं के सुरक्षित आवागमन पर सरकार का जोर

सरकार का मानना है कि बेहतर रोशनी, निगरानी और सुविधाओं से महिलाओं का रात के समय भी सुरक्षित आवागमन संभव होगा। सेफ सिटी प्रोजेक्ट के जरिए छोटे शहरों में भी महिलाओं को वही सुरक्षा सुविधाएं मिलेंगी, जो बड़े नगर निगम और महानगरों में उपलब्ध हैं।

अपर्णा–प्रतीक विवाद: तलाक पोस्ट के बाद दोनों पक्षों की चुप्पी, अकाउंट हैक होने के दावे पर अब तक एफआईआर नहीं

Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply

error: Content is protected !!