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मिशन-2027 पर बसपा का नया दांव: ब्राह्मण सम्मान के सहारे सियासी वापसी की तैयारी, मायावती ने पदाधिकारियों को दिए स्पष्ट संकेत

Published on: February 8, 2026
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जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): बीते कुछ चुनावों में लगातार खराब प्रदर्शन के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) आगामी विधानसभा चुनाव-2027 में अपने पुराने सोशल इंजीनियरिंग फॉर्मूले को फिर से अपनाने की तैयारी कर रही है। पार्टी को उम्मीद है कि सवर्ण वोट, खासकर ब्राह्मण समाज, उसे फिर से राजनीतिक मजबूती दिला सकते हैं। इसी वजह से बसपा सुप्रीमो मायावती लगातार ब्राह्मणों के सम्मान और हितों से जुड़े मुद्दों पर मुखर हो रही हैं।

पदाधिकारियों की बैठक में ब्राह्मण हितों पर जोर, संगठन को दिए स्पष्ट संदेश

शुक्रवार को पदाधिकारियों के साथ हुई बैठक में मायावती ने एक बार फिर ब्राह्मण समाज के हितों की बात करते हुए बसपा को ही समाज का असली हितैषी बताया। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी मिशन-2027 को मिशन-2007 की तर्ज पर पूर्ण बहुमत हासिल कर पूरा करना चाहती है और इसके लिए संगठनात्मक फेरबदल बड़े स्तर पर किए गए हैं।

लोकसभा चुनाव के अनुभव के बाद बदली रणनीति, ब्राह्मणों को बनाया केंद्र

लोकसभा चुनाव में मायावती ने मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देकर भरोसा जताया था, लेकिन पार्टी को मुस्लिम वोटों का अपेक्षित समर्थन नहीं मिला। इसके बाद मायावती ने कहा था कि भविष्य में मुस्लिम उम्मीदवारों को सोच-समझकर टिकट दिया जाएगा। चूंकि सवर्ण समाज ने चार बार बसपा को सत्ता दिलाई है, इसलिए इस बार ब्राह्मणों को चुनावी रणनीति के केंद्र में रखा गया है।

‘घूसखोर पंडत’ वेब सीरीज पर बयान, ब्राह्मण सम्मान का मुद्दा उठाया

विवादित वेब सीरीज ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर मायावती ने खुलकर ब्राह्मणों के पक्ष में बयान दिया और फिल्म की आलोचना करते हुए इस पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। उन्होंने कहा कि फिल्मों और समाज में पंडितों को अपमानित करने की कोशिश की जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे साफ संकेत मिलता है कि पार्टी ब्राह्मण सम्मान के मुद्दे को चुनावी रणनीति में प्रमुखता दे रही है।

एक माह में तीसरी बार ब्राह्मण सम्मान पर बयान, चुनावी संदेश स्पष्ट

मायावती ने एक माह में लगातार तीसरी बार ब्राह्मणों के सम्मान और हितों की बात की है। 15 जनवरी को प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा था कि ब्राह्मणों को ‘बाटी-चोखा’ नहीं, बल्कि सम्मान चाहिए। इसके बाद शुक्रवार को वेब सीरीज पर बयान दिया और शनिवार को फिर ब्राह्मण समाज को साथ लाने का संदेश दिया।

भाजपा सरकार और यूसीसी पर निशाना, आरक्षण व सामाजिक तनाव का मुद्दा उठाया

मायावती ने भाजपा सरकार की नीतियों पर हमला करते हुए कहा कि एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण विरोधी नीतियों के कारण सरकारी नौकरी और प्रमोशन में दिक्कतें बढ़ रही हैं। उन्होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को सामाजिक समरसता की बजाय सामाजिक तनाव का कारण बताया और कहा कि केंद्र व राज्य सरकारें जनहित के मुद्दों की बजाय जाति-धर्म की राजनीति कर रही हैं।

संसद सत्र के हंगामे पर टिप्पणी, पक्ष-विपक्ष दोनों पर साधा निशाना

बसपा सुप्रीमो ने संसद के बजट सत्र में हो रहे हंगामे को लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश और जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने की बजाय दोनों पक्ष एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हैं, जिससे महत्वपूर्ण मुद्दे जैसे टैरिफ और राष्ट्रीय हित से जुड़े विषय पीछे छूट रहे हैं। उन्होंने संविधान और संसदीय परंपराओं की गरिमा बनाए रखने की अपील की।

वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने पर जोर, किसी योग्य व्यक्ति को न छोड़ा जाए

एसआईआर को लेकर मायावती ने निर्देश दिए कि कोई भी योग्य व्यक्ति वोटर बनने से वंचित न रहे। अधिकारियों से कहा गया कि गरीब, मजदूर, महिलाएं और अशिक्षित लोगों तक पहुंचकर उनका नाम मतदाता सूची में शामिल कराया जाए।

मंडल और विधानसभा स्तर पर बड़े पैमाने पर पदाधिकारियों की नियुक्ति

बसपा ने चुनावी तैयारियों के तहत मंडल जोन प्रभारियों की नियुक्ति की है। मौजीलाल गौतम और विनय कश्यप को लखनऊ, उन्नाव व रायबरेली की जिम्मेदारी दी गई। डॉ. सुशील कुमार मुन्ना और राकेश गौतम को सीतापुर, हरदोई व लखीमपुर खीरी का कार्य सौंपा गया। मुनकाद अली को मेरठ, गिरीश चंद्र को मुरादाबाद और सूरज सिंह जाटव को अलीगढ़ मंडल के जिलों की जिम्मेदारी दी गई। यूपी बसपा स्टेट अध्यक्ष विश्वनाथ पाल अयोध्या व लखनऊ मंडल के प्रमुख कार्य भी देखेंगे।

लखनऊ की 9 विधानसभा सीटों पर प्रभारी नियुक्त

लखनऊ की सभी 9 विधानसभा सीटों के लिए प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। श्रवण गौतम व सत्य कुमार गौतम को मलिहाबाद, मनीष यादव व राकेश कुमार को बीकेटी, नैमीलाल गौतम व अनुरेंद्र कुमार को सरोजनीनगर, मुन्नालाल गौतम व हरीश सैलानी को लखनऊ पश्चिम, शैलेंद्र सिंह गौतम व महादेव प्रसाद जागरुक को लखनऊ उत्तरी, इंद्रजीत गौतम व राकेश कुमार गौतम को लखनऊ पूर्वी, एडवोकेट उमेश गौतम व गंगाराम गौतम को लखनऊ मध्य, देवेश गौतम व बृजेश चौधरी को लखनऊ कैंट और सुरेश राव व अनुज कुमार वर्मा को मोहनलालगंज विधानसभा सीट का प्रभारी बनाया गया है।

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