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देवरिया में अवैध मजार पर चला बुलडोजर: 50 साल पुरानी संरचना ढहाई गई, 6 घंटे चला ऑपरेशन; 300 पुलिसकर्मी रहे तैनात

Published on: January 12, 2026
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जागृत भारत | देवरिया(Deoria): जिले में रविवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 50 साल पुरानी अवैध मजार को ध्वस्त कर दिया। नगर पालिका की टीम ने तीन बुलडोजर की मदद से करीब 6 घंटे तक ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। इस दौरान मजार का मुख्य गेट, बाउंड्री, छह पिलर, तीन दुकानें और गुंबद पूरी तरह तोड़ दिया गया।

सोमवार को फिर शुरू होगी कार्रवाई

रविवार की कार्रवाई के बाद फिलहाल ध्वस्तीकरण रोक दिया गया है। प्रशासन के अनुसार सोमवार को सुबह 11 बजे के बाद दोबारा अभियान शुरू होगा, जिसमें बेसमेंट की छत और अंदर बने हॉल को गिराया जाएगा।

भारी पुलिस बल की रही तैनाती

संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर 6 थानों की 300 पुलिस फोर्स तैनात रही। रविवार दोपहर करीब 12 बजे नगर पालिका की टीम पुलिस बल के साथ गोरखपुर रोड ओवरब्रिज से सटी मजार पर पहुंची। पहले परिसर को खाली कराया गया, फिर पूरी घेराबंदी के बाद बुलडोजर चलाए गए।
इस दौरान एसडीएम श्रुति शर्मा स्वयं मौके पर मौजूद रहीं।

2019 से चल रहा था विवाद

अब्दुल शाह गनी मजार गोरखपुर रोड ओवरब्रिज से सटी भूमि पर बनी हुई थी। वर्ष 2019 में इसकी पहली शिकायत तत्कालीन जिलाधिकारी से की गई थी। इसके बाद डीएम के निर्देश पर आरबीओ जेई, तहसीलदार और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया।

कोर्ट ने भूमि को बताया बंजर

14 दिसंबर 2019 को विपक्षी प्रबंध समिति को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन इसके बाद मामला लगातार लंबित रहा। शुक्रवार को एसडीएम कोर्ट में सुनवाई हुई, जहां अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (राजस्व) जयदीप गुप्ता ने बताया कि कोर्ट पहले ही इस भूमि को बंजर घोषित कर चुका है।

दस्तावेज न मिलने पर हुआ फैसला

कोर्ट ने बचाव पक्ष से मजार का मानचित्र और निर्माण से जुड़े दस्तावेज मांगे थे, लेकिन न तो मानचित्र दिया गया और न ही यह स्पष्ट किया जा सका कि मजार कब बनी। इसके बाद प्रशासन को नोटिस जारी कर ध्वस्तीकरण का आदेश दिया गया।

सपा जिलाध्यक्ष ने कार्रवाई का किया विरोध

समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष व्यास यादव ने इस कार्रवाई का विरोध करते हुए सवाल उठाया कि क्या प्रदेश में केवल देवरिया की ही मजार सार्वजनिक भूमि पर स्थित थी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार निष्पक्ष है, तो सभी धर्मों के अवैध धार्मिक स्थलों पर समान कार्रवाई होनी चाहिए।

गंगा-जमुनी तहजीब का हवाला

व्यास यादव ने कहा कि देवरिया गंगा-जमुनी तहजीब और भाईचारे की मिसाल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब शहीद बाबा मजार और कब्रिस्तान का मामला न्यायालय में विचाराधीन था, तब इतनी जल्दबाजी में ध्वस्तीकरण क्यों किया गया। उन्होंने इस दिन को देवरिया के इतिहास का “काला दिन” बताया और शांति बनाए रखने की अपील की।

विधायक शलभ मणि ने बताया जनता की जीत

देवरिया सदर विधायक डॉ. शलभ मणि ने इस कार्रवाई को जनता की जीत बताया। उन्होंने कहा कि अवैध कब्जों पर कार्रवाई प्रदेश सरकार की नीति है।
विधायक ने यह भी कहा कि इस मजार का विरोध करने पर रामनगीना यादव की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद यह मामला और गंभीर हो गया था।

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