नई दिल्ली – रायबरेली में एक दलित युवक की भीड़ द्वारा की गई हत्या को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को एक संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि यह घटना भारतीय संविधान, दलित समाज और पूरी मानवता के खिलाफ अपराध है। दोनों नेताओं ने कहा कि आज देश में “भीड़तंत्र, बुलडोजर न्याय और नफरत की राजनीति” हमारे समय की भयावह पहचान बन चुकी है।
💥 घटना का विवरण
रिपोर्टों के अनुसार, रायबरेली में 40 वर्षीय दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की ग्रामीणों ने उस समय पीट-पीटकर हत्या कर दी, जब उन्होंने उसे चोर समझ लिया। गांव में अफवाह थी कि ड्रोन के जरिए घरों को लूट के लिए चिन्हित किया जा रहा है, जिसके चलते रात में निगरानी रखी जा रही थी।
घटना का एक कथित वीडियो रविवार रात वायरल हुआ, जबकि स्थानीय लोगों ने बताया कि यह 1 अक्टूबर की रात की घटना है।
🗣️ राहुल गांधी बोले — “यह हत्या इंसानियत और संविधान की हत्या है”
राहुल गांधी, जो रायबरेली से सांसद हैं, ने कहा कि हरिओम की हत्या सिर्फ एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि “मानवता, संविधान और न्याय की हत्या” है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X पर लिखा —
“आज भारत में दलित, आदिवासी, मुस्लिम, पिछड़े वर्ग और गरीब — जिनकी आवाज़ कमजोर है, जिनका हक छीना जा रहा है, जिनकी ज़िंदगी को सस्ता समझा जा रहा है — वे सभी निशाने पर हैं। इस देश में नफरत, हिंसा और भीड़तंत्र को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। जहां संविधान की जगह बुलडोज़र और न्याय की जगह भय ने ले ली है।”
राहुल गांधी ने कहा, “हरिओम के परिवार को न्याय ज़रूर मिलेगा। भारत का भविष्य समानता और मानवता पर टिका है, और यह देश भीड़ की सनक नहीं, बल्कि संविधान से चलेगा।”
🧾 खड़गे बोले — “रायबरेली की घटना देश के संविधान पर कलंक है”
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी अपने X हैंडल पर बयान साझा करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी रायबरेली में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की निर्दयी और क्रूर हत्या की कड़ी निंदा करती है।
उन्होंने कहा,
“रायबरेली में जो हुआ, वह देश के संविधान के खिलाफ एक गंभीर अपराध है। यह दलित समाज और पूरे राष्ट्र के लिए कलंक है। देश में दलितों, अल्पसंख्यकों और गरीबों पर अपराध की घटनाएं हद से ज़्यादा बढ़ गई हैं। यह हिंसा उन्हीं वर्गों पर सबसे ज़्यादा है जो वंचित हैं, बहुजन हैं और जिनकी न तो पर्याप्त भागीदारी है और न ही प्रतिनिधित्व।”
रायबरेली में दलित युवक हरिओम वाल्मीकि की निर्मम और क्रूर हत्या की कांग्रेस पार्टी कड़ी से कड़ी निंदा करती है।
हमारा संयुक्त वक्तव्य —
हमारे देश में एक संविधान है, जो हर इंसान को समानता के भाव से पहचानता है। एक कानून है, जो हर नागरिक की सुरक्षा, उसके अधिकार और उसकी अभिव्यक्ति… pic.twitter.com/uY6DuLISdN
— Mallikarjun Kharge (@kharge) October 7, 2025
⚖️ “भीड़तंत्र और नफरत की राजनीति हमारे समय की पहचान बन गई है”
संयुक्त बयान में दोनों नेताओं ने कहा कि देश में 2014 के बाद से भीड़ द्वारा हत्याएं (Mob Lynching), बुलडोजर न्याय और भीड़तंत्र (Mobocracy) एक “भयावह प्रवृत्ति” बन गई हैं।
बयान में कहा गया —
“हाथरस और उन्नाव की महिलाओं के खिलाफ अपराध, रोहित वेमुला की संस्थागत हत्या, मध्य प्रदेश में आदिवासी युवक पर नेता द्वारा पेशाब करने की अमानवीय घटना, ओडिशा और मध्य प्रदेश में दलितों की पिटाई, हरियाणा में पहलू खान की हत्या, उत्तर प्रदेश में अखलाक की हत्या और अब हरिओम की हत्या — ये सभी घटनाएं हमारे समाज, प्रशासन और सत्ता की बढ़ती असंवेदनशीलता को उजागर करती हैं।”
उन्होंने कहा,
“हिंसा किसी भी सभ्य समाज की पहचान नहीं हो सकती। हरिओम के साथ जो हुआ, वह हमारी सामूहिक नैतिकता पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।”
🤝 “संविधान और समानता की रक्षा तक संघर्ष जारी रहेगा”
कांग्रेस ने कहा कि वह समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है।
बयान में कहा गया,
“हम देश के नागरिकों से अपील करते हैं कि इस अन्याय के खिलाफ एकजुट हों। यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक हर भारतीय के अधिकार और गरिमा की पूरी तरह से रक्षा नहीं हो जाती।”
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