जागृत भारत। फाजिलनगर/कसया: कुशीनगर नगर पालिका क्षेत्र में शिकारियों की टीम द्वारा बंदरों को पकड़ने की कार्रवाई शुरू की गई है। इसके बाद बंदरों का एक बड़ा झुंड फाजिलनगर कस्बे में पहुंच गया, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। करीब 20 दिनों से बंदर लगातार लोगों पर हमला कर रहे हैं, खासकर बाइक सवारों को अधिक निशाना बना रहे हैं। अब तक 12 लोग बंदरों के हमले में घायल हो चुके हैं, जिनका इलाज फाजिलनगर सीएचसी में कराया गया।
जानकारी के मुताबिक, कुशीनगर नगर पालिका क्षेत्र से 22 बंदरों को पकड़कर पिंजरे में कैद किया गया और जंगल में छोड़ दिया गया, जिससे वहां के लोगों ने राहत की सांस ली। लेकिन फाजिलनगर नगर पंचायत की ओर से अब तक बंदरों को पकड़ने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। मंगलवार को कस्बे के बबली वर्मा (12), छोटेलाल (22), अंशिका (5), विकास (14), अटल यादव (30), अजय यादव (18), छोटेलाल (18), श्रीकिशुन (14) समेत कई लोगों पर बंदरों ने हमला कर दिया। सभी ने सीएचसी में उपचार कराया।
लोगों का कहना है कि बच्चों को अब घरों से बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है और लोग खुद भी डंडा लेकर बाहर निकल रहे हैं। वन विभाग से कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका ने शिकारियों को बुलाकर अपने क्षेत्र से बंदरों को हटवाया, लेकिन उनमें से कई उत्पाती बंदर फाजिलनगर आकर हमला कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि कुशीनगर नगर पालिका क्षेत्र में पिछले एक महीने में बंदरों ने 300 से अधिक लोगों को घायल किया था। इस कारण वहां शिकारियों को बुलाकर 22 बंदरों को पकड़ा गया। अब शिकारियों की टीम वापस चली गई है और जरूरत पड़ने पर ही दोबारा आएगी। खर्च का वहन नगर पालिका कुशीनगर द्वारा किया गया है।
फाजिलनगर पंचायत के ईओ अमित सिंह ने बताया कि शिकारियों से संपर्क कर बंदरों को पकड़वाने की कोशिश की जा रही है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
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