Breaking News

पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का बड़ा दावा, बोले- इमरान सरकार के दौरान संसद के कामकाज में शामिल थी ISI

Published on: June 19, 2026
Pakistan Defence Minister Khawaja Asif

जागृत भारत,इस्लामाबाद : पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने देश की संसद में एक बयान देकर राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) का संसद और कानून निर्माण प्रक्रिया में प्रत्यक्ष हस्तक्षेप था।

नेशनल असेंबली में संबोधन के दौरान आसिफ ने दावा किया कि खुफिया एजेंसी की भूमिका केवल राजनीतिक दबाव तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह संसदीय गतिविधियों और विधायी प्रक्रियाओं को प्रभावित करने तक पहुंच गई थी।

संसद से जुड़े मामलों में एजेंसी की भूमिका का आरोप

ख्वाजा आसिफ के अनुसार, इमरान खान सरकार के दौरान ISI को व्यापक प्रभाव प्राप्त था और उसके अधिकारी सांसदों के साथ होने वाली महत्वपूर्ण बैठकों में शामिल होते थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन आईएसआई प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद के अधीन कार्यरत अधिकारी नेशनल असेंबली के तत्कालीन स्पीकर के आवास पर आयोजित बैठकों में नियमित रूप से भाग लेते थे और संसदीय मामलों पर प्रभाव डालते थे।

महत्वपूर्ण कानूनों पर भी प्रभाव का दावा

रक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ अहम विधेयक और कानूनी संशोधन भी खुफिया एजेंसियों के दबाव या प्रभाव में पारित किए गए। उन्होंने विशेष रूप से मनी लॉन्ड्रिंग विरोधी कानूनों में किए गए संशोधनों का उल्लेख किया।

आसिफ ने यह भी दावा किया कि कुछ सांसदों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को सीधे खुफिया एजेंसियों की ओर से निर्देश प्राप्त होते थे। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेजी साक्ष्य सार्वजनिक रूप से पेश नहीं किए।

‘हाइब्रिड शासन मॉडल’ का किया समर्थन

अपने भाषण के दौरान ख्वाजा आसिफ ने पाकिस्तान की मौजूदा सत्ता व्यवस्था को “सिविल-मिलिट्री हाइब्रिड मॉडल” बताया। उन्होंने कहा कि नागरिक सरकार और सैन्य प्रतिष्ठान के बीच समन्वय के आधार पर चल रही इस व्यवस्था से सकारात्मक परिणाम मिले हैं।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान वर्तमान में एक ऐसे मॉडल के तहत काम कर रहा है, जिसमें राजनीतिक और सैन्य संस्थानों की साझेदारी मौजूद है और यह व्यवस्था प्रभावी साबित हुई है।

फिर चर्चा में सेना की राजनीतिक भूमिका

ख्वाजा आसिफ का यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान में सेना की राजनीतिक भूमिका को लेकर लंबे समय से बहस चलती रही है। देश में कई राजनीतिक दल और विश्लेषक सेना पर राजनीति, न्यायपालिका और विदेश नीति को प्रभावित करने के आरोप लगाते रहे हैं।

हालांकि, पाकिस्तानी सेना और सैन्य नेतृत्व लगातार इन आरोपों से इनकार करते रहे हैं और उनका कहना है कि सेना केवल अपने संवैधानिक दायरे में रहकर कार्य करती है। रक्षा मंत्री के ताजा बयान के बाद पाकिस्तान में नागरिक-सैन्य संबंधों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर बहस एक बार फिर तेज होने की संभावना है।


इसे भी पढ़ें : भारत ने श्रीलंका को दी 50 लाख डॉलर से अधिक की सैन्य सहायता, रक्षा साझेदारी को मिली नई मजबूती


Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Read Also

At Gorakhpur University

गोरखपुर विश्वविद्यालय में ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ बने सांसद रवि किशन, पहली क्लास में छात्रों को दिया सफलता का मंत्र

Before the Bankipur by-election, people

बांकीपुर उपचुनाव से पहले जन सुराज को झटका, कई नेताओं ने थामा बीजेपी का दामन

Clutches of law after 27 years

27 साल बाद कानून के शिकंजे में आया दोहरे हत्याकांड का आरोपी, पहचान बदलकर भोपाल में ‘जमील’ बनकर रह रहा था

Parliament's monsoon session begins on Monday

सोमवार से संसद का मानसून सत्र, सरकार-विपक्ष आमने-सामने; कई अहम विधेयकों और विवादित मुद्दों पर टकराव के आसार

Iran's Supreme Leader on America

ईरान के सर्वोच्च नेता का अमेरिका पर हमला, बोले- ‘ट्रंप के हस्ताक्षर की कोई कीमत नहीं, अमेरिका को मिलेगा जवाब’

Deoria Anganwadi workers in Pathardeva

देवरिया: पथरदेवा में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मिले आधुनिक स्वास्थ्य उपकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

Leave a Reply

error: Content is protected !!