Breaking News

राम मंदिर दान मामले में नया दावा: 34 किलो से अधिक चांदी के उपयोग पर उठे सवाल, एसआईटी रिपोर्ट का इंतजार

Published on: June 21, 2026
New claim in the Ram Mandir donation matter

जागृत भारत,अयोध्या : राम मंदिर से जुड़े कथित दान और चांदी के उपयोग को लेकर चल रही जांच के बीच इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के उत्तर भारत प्रमुख अनुराग रस्तोगी ने कई महत्वपूर्ण दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिवार की ओर से मंदिर के लिए दान किया गया चांदी का दीपक और देशभर से एकत्रित की गई चांदी के उपयोग को लेकर अब भी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

तीन किलो चांदी का दीपक दान करने का दावा

अनुराग रस्तोगी ने बताया कि उन्होंने अपने परिवार की ओर से लगभग तीन किलोग्राम चांदी का एक दीपक तैयार करवाकर राम मंदिर के लिए गुप्त दान के रूप में दिया था। उनके अनुसार, यह दान संबंधित अनुमति मिलने के बाद किया गया था और पुराने मंदिर परिसर में उसी दीपक से अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित की गई थी। उन्होंने कहा कि नए मंदिर के निर्माण के बाद उन्हें यह जानकारी नहीं है कि वह दीपक वर्तमान में कहां रखा गया है।

34 किलो से अधिक चांदी जुटाने का दावा

रस्तोगी के अनुसार, उन्होंने देशभर के श्रद्धालुओं से अपील की थी कि वे भगवान राम के मंदिर निर्माण के लिए प्रतीकात्मक रूप से 10 ग्राम या उससे अधिक चांदी का योगदान दें। इस अभियान के तहत करीब 34 किलो 644 ग्राम चांदी एकत्रित हुई थी।

उन्होंने बताया कि इस चांदी को अयोध्या लाकर धार्मिक अनुष्ठान के बाद मंदिर निर्माण से जुड़े लोगों को इस अनुरोध के साथ सौंपा गया था कि भूमि पूजन और नींव निर्माण में इसका उपयोग किया जाए। हालांकि, उनका कहना है कि बाद में भूमि पूजन और निर्माण प्रक्रिया के दौरान उन्हें यह स्पष्ट नहीं हो सका कि उस चांदी का उपयोग किस प्रकार किया गया।

एसआईटी जांच रिपोर्ट का इंतजार

राम मंदिर दान और संबंधित मामलों की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) अपनी जांच पूरी कर चुका है। माना जा रहा है कि रिपोर्ट जल्द ही राज्य सरकार को सौंपी जा सकती है। रस्तोगी ने कहा कि उनके पास दान से जुड़े दस्तावेज और रसीदें मौजूद हैं। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि जांच के बाद सभी तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

“आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए”

अनुराग रस्तोगी ने कहा कि आर्थिक नुकसान से अधिक महत्वपूर्ण लोगों की धार्मिक आस्था है। उनका मानना है कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाएं राम मंदिर से जुड़ी हुई हैं, इसलिए किसी भी तरह की अनियमितता की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यदि जांच एजेंसियों को किसी भी प्रकार की जानकारी या सहयोग की आवश्यकता होगी तो वह पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं।

क्या है आगे की स्थिति?

फिलहाल इस मामले में जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है और संबंधित दावों की आधिकारिक पुष्टि या खंडन भी सामने नहीं आया है। ऐसे में एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दान की गई सामग्री और अन्य आरोपों के संबंध में वास्तविक स्थिति क्या है। राजनीतिक और धार्मिक दृष्टि से संवेदनशील इस मामले पर अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और सरकार की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।


इसे भी पढ़ें : RSS रजिस्ट्रेशन विवाद पर कानूनी बहस तेज, महेश जेठमलानी ने प्रियांक खरगे के सवालों को बताया ‘राजनीतिक’


Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Read Also

At Gorakhpur University

गोरखपुर विश्वविद्यालय में ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ बने सांसद रवि किशन, पहली क्लास में छात्रों को दिया सफलता का मंत्र

Before the Bankipur by-election, people

बांकीपुर उपचुनाव से पहले जन सुराज को झटका, कई नेताओं ने थामा बीजेपी का दामन

Clutches of law after 27 years

27 साल बाद कानून के शिकंजे में आया दोहरे हत्याकांड का आरोपी, पहचान बदलकर भोपाल में ‘जमील’ बनकर रह रहा था

Parliament's monsoon session begins on Monday

सोमवार से संसद का मानसून सत्र, सरकार-विपक्ष आमने-सामने; कई अहम विधेयकों और विवादित मुद्दों पर टकराव के आसार

Iran's Supreme Leader on America

ईरान के सर्वोच्च नेता का अमेरिका पर हमला, बोले- ‘ट्रंप के हस्ताक्षर की कोई कीमत नहीं, अमेरिका को मिलेगा जवाब’

Deoria Anganwadi workers in Pathardeva

देवरिया: पथरदेवा में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मिले आधुनिक स्वास्थ्य उपकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी मजबूती

Leave a Reply

error: Content is protected !!