जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): मुख्य चुनाव अधिकारी, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) बुलेटिन के अनुसार 6 जनवरी से 14 जनवरी 2026 (शाम 5 बजे तक) प्रदेश में मतदाता सूची को लेकर कुल 5,77,444 दावे और आपत्तियां राजनीतिक दलों की ओर से प्राप्त हुई हैं। ये सभी दावे-आपत्तियां 1,25,55,6025 मतदाताओं वाली ड्राफ्ट मतदाता सूची के सापेक्ष दाखिल की गई हैं।
सपा और भाजपा सबसे ज्यादा सक्रिय
रिपोर्ट के अनुसार दावे-आपत्तियां दर्ज कराने में समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी सबसे आगे रहीं।
भाजपा ने 1,60,605 बीएलए के माध्यम से दावे-आपत्तियां दर्ज कराईं, जिनमें 4,801 नाम जोड़ने और 45 नाम हटाने से जुड़े मामले शामिल हैं।
कांग्रेस, बसपा और अन्य दलों का आंकड़ा
कांग्रेस की ओर से 95,077 दावे-आपत्तियां प्राप्त हुईं, जिनमें 574 शामिलीकरण के मामले दर्ज हैं।
बहुजन समाज पार्टी ने 1,53,469 दावे-आपत्तियां दीं, जिनमें 957 नाम जोड़ने और 6 नाम हटाने से जुड़े मामले शामिल हैं।
आम आदमी पार्टी से 5,609 और सीपीआई (एम) से 315 दावे-आपत्तियां प्राप्त हुईं।
राज्य स्तरीय दलों में सपा सबसे आगे
राज्य स्तरीय दलों में समाजवादी पार्टी सबसे ज्यादा सक्रिय रही। पार्टी की ओर से 1,56,972 दावे-आपत्तियां दाखिल की गईं, जिनमें 2,028 नाम शामिल करने और 47 नाम हटाने से जुड़े मामले हैं।
वहीं अपना दल (एस) से 5,397 दावे-आपत्तियां प्राप्त हुईं।
कुल कितने शामिलीकरण और विलोपन के मामले
सभी राजनीतिक दलों को मिलाकर कुल 8,442 शामिलीकरण और 98 विलोपन (डिलीशन) से जुड़े मामले दर्ज किए गए हैं।
फॉर्म-6 और फॉर्म-7 से जुड़े अहम आंकड़े
ड्राफ्ट मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले
फॉर्म-6 के जरिए 16,18,574 आवेदन नाम जोड़ने के लिए मिले
फॉर्म-7 के तहत 49,399 आवेदन नाम हटाने के लिए प्राप्त हुए
ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन के बाद
फॉर्म-6/6ए से 3,43,786 आवेदन शामिलीकरण के लिए आए
फॉर्म-7 के तहत 4,558 आवेदन विलोपन के लिए दर्ज किए गए
दूसरे विधानसभा क्षेत्र से कोई दावा नहीं
मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 2(जी) के तहत किसी अन्य विधानसभा क्षेत्र के मतदाता के संबंध में कोई भी हलफनामा शामिलीकरण या विलोपन के लिए प्राप्त नहीं हुआ है।
सभी दावों का नियमानुसार सत्यापन जारी
चुनाव आयोग ने साफ किया है कि प्राप्त सभी पात्र दावों और आपत्तियों का नियमानुसार परीक्षण और सत्यापन किया जा रहा है। सत्यापन के बाद ही नामों को अंतिम मतदाता सूची में जोड़ा या हटाया जाएगा।
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