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राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर संतों की नाराजगी, बोले- इसका असर पूरी अयोध्या की आस्था और दान पर पड़ा

Published on: June 28, 2026
Saints on Ram Temple offering controversy
जागृत भारत,अयोध्या : राम मंदिर में कथित चढ़ावे की चोरी के मामले को लेकर अयोध्या के संतों में नाराजगी देखने को मिल रही है। उनका कहना है कि इस घटना से न केवल राम मंदिर की छवि प्रभावित हुई है, बल्कि पूरी अयोध्या के धार्मिक माहौल और स्थानीय मंदिरों में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर भी असर पड़ा है।
संत रामदास बाल योगी महाराज ने कहा कि इस विवाद के बाद श्रद्धालुओं का भरोसा कमजोर हुआ है। उनके अनुसार, राम मंदिर आने वाले श्रद्धालु पहले आसपास के अन्य मंदिरों और सरयू तट पर भी दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते थे, लेकिन अब उनकी संख्या में कमी आई है। उन्होंने दावा किया कि दान और चढ़ावे में भी गिरावट दर्ज की गई है।
रामदास बाल योगी ने कहा, “जब इस तरह की घटनाएं सामने आती हैं तो उसका असर पूरे धार्मिक क्षेत्र पर पड़ता है। जिन्होंने चोरी की है, उन्हें कानून के तहत सजा मिलेगी, लेकिन भगवान राम भी उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे।”
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जब समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाया, तब लोगों को मामले की जानकारी मिली। उनका कहना था कि शुरुआती दौर में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया था।
रामदास बाल योगी ने सवाल उठाया कि जब राम मंदिर निर्माण का श्रेय ट्रस्ट और उससे जुड़े पदाधिकारियों ने लिया था, तो अब कथित अनियमितताओं और चोरी की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि कोई गड़बड़ी हुई है तो उसकी जवाबदेही केवल कर्मचारियों पर नहीं डाली जा सकती।
संत ने मंदिर निर्माण और भूमि खरीद से जुड़े पुराने विवादों का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि पहले भी कई वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। उन्होंने दावा किया कि मामले में बड़े स्तर पर जांच की जरूरत है।
रामदास बाल योगी ने यह भी कहा कि मंदिर परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे और निगरानी के बावजूद यदि चोरी जैसी घटनाएं हुई हैं, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस संबंध में पहले भी संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी गई थी।
उन्होंने अंत में कहा कि राम मंदिर और अयोध्या करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं। ऐसे में किसी भी तरह की अनियमितता या विवाद की पारदर्शी जांच होनी चाहिए, ताकि लोगों का विश्वास बना रहे।

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