Breaking News

उत्तर प्रदेश : अल्पसंख्यक विकास को रफ्तार, यूपी में 364 करोड़ की योजनाओं को मिली मंजूरी

Published on: February 3, 2026
lucknow-minority-development-projects-approved-up

जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) के माध्यम से उत्तर प्रदेश में अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए बड़े स्तर पर योजनाएं लागू की जा रही हैं। इसी क्रम में प्रदेश के सिख, जैन, बौद्ध और मुस्लिम समुदायों के लिए लगभग 364 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है।

शिक्षा और स्वास्थ्य पर सबसे ज्यादा फोकस

स्वीकृत परियोजनाओं में सबसे अधिक प्राथमिकता अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की 10 अलग-अलग परियोजनाओं के लिए 114.14 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इससे अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और चिकित्सकीय सुविधाओं में सुधार होगा।

शिक्षा के हर स्तर पर निवेश

शिक्षा क्षेत्र में माध्यमिक शिक्षा के लिए 12.78 करोड़ रुपये, प्राविधिक शिक्षा के लिए 42.53 करोड़ रुपये, चिकित्सा शिक्षा के लिए 27.88 करोड़ रुपये और व्यवसायिक शिक्षा के लिए 25.02 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई है। इसके अलावा यूनानी चिकित्सा विभाग की परियोजनाओं के लिए 24.98 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

युवाओं के कौशल और खेल क्षमता पर जोर

अल्पसंख्यक युवाओं के कौशल विकास के लिए पीएमजेवीके के तहत 5.92 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। वहीं खेल एवं युवा कल्याण विभाग की ओर से 64.22 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिससे शारीरिक क्षमता और खेल अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी।

महिला और बाल विकास को भी प्राथमिकता

महिला कल्याण एवं बाल विकास से जुड़ी परियोजनाओं के लिए करीब 7.79 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसका उद्देश्य महिलाओं और बच्चों से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है।

शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का विकास

अल्पसंख्यक बहुल शहरी क्षेत्रों में नगर विकास से जुड़ी 6 परियोजनाओं के लिए 22.12 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं ग्रामीण इलाकों में पंचायती राज विभाग की 2 परियोजनाओं के लिए 3.94 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

कृषि और दुग्ध विकास को भी मिलेगा लाभ

कृषि एवं सहकारिता विभाग की 3 परियोजनाओं के लिए 10.15 करोड़ रुपये तथा दुग्ध विकास विभाग के लिए 1.92 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आजीविका के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।

उत्तर प्रदेश : पूरे प्रदेश में सहायक शिक्षकों की नियुक्तियों की होगी जांच, फर्जी पाए गए तो जाएगी नौकरी

Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply