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बुलंदशहर में दूल्हे का बड़ा फैसला: 51 लाख की नकद थाली लौटाई, सिर्फ चांदी का सिक्का लेकर की सादगीभरी शादी

Published on: December 12, 2025
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जागृत भारत | यूपी के बुलंदशहर में एक अनोखा और मिसाल पेश करने वाला मामला सामने आया। यहां दूल्हे ने तिलक के दौरान दुल्हन पक्ष द्वारा लाई गई 51 लाख रुपए नकद से सजी थाली ठुकरा दी। लड़की वालों के बहुत समझाने के बावजूद दूल्हा अपनी बात पर अडिग रहा और आखिरकार केवल एक चांदी का सिक्का लेकर सादगी के साथ विवाह संपन्न किया।

कैसे हुआ मामला?

11 दिसंबर को जयपाल सिंह के बेटे विवेक की शादी थी। इसी दिन तिलक का कार्यक्रम भी रखा गया था। जैसे ही दुल्हन के पिता ने तिलक के दौरान नोटों की गड्डियों से सजी थाली दूल्हे के सामने रखी, वहां मौजूद लोग हैरान रह गए। कई लोगों ने वीडियो भी बनाना शुरू कर दिया।

विवेक ने थाल को सम्मानपूर्वक माथे से लगाया, लेकिन एक भी नोट हाथ लगाने से इनकार कर दिया। लड़की वालों ने कहा कि ये सिर्फ रस्म है, लेकिन विवेक नहीं माने। अंत में दूल्हे ने सिर्फ एक चांदी का सिक्का शगुन के रूप में स्वीकार किया।

शादी ऐसे हुई संपन्न

  • पैगमपुर निवासी विवेक की शादी मथुरा के व्यापारी वेदपाल फौजदार की बेटी कृष्णा से तय थी।
  • तिलक और शादी का कार्यक्रम मेरठ रोड स्थित एक मैरिज होम में आयोजित हुआ।
  • रात करीब 10 बजे दुल्हन के पिता ने 51 लाख रुपए की थाली पेश की।
  • दूल्हे ने कहा— “मुझे सिर्फ आपकी बेटी अपनी पत्नी के रूप में चाहिए, दहेज का एक रुपया नहीं।”
  • काफी निवेदन के बाद उन्होंने रस्म के तौर पर चांदी का सिक्का लिया और विवाह की प्रक्रिया पूरी की।

सोशल मीडिया पर दूल्हे की जमकर तारीफ

शादी में मौजूद कुछ लोगों ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया, जिसके बाद विवेक की खूब सराहना हो रही है। लोग उन्हें और उनके परिवार को दहेज प्रथा के खिलाफ एक मजबूत संदेश देने के लिए धन्यवाद दे रहे हैं।

कुछ यूजर्स का कहना है कि अगर दहेज और एलुमनी संस्कृति दोनों में बदलाव हो जाए, तो युवाओं का शादी के प्रति घटता भरोसा फिर से लौट सकता है।

दूल्हे विवेक बोले— बदलाव की शुरुआत खुद से

विवेक ने कहा—
“हम बेटी को सम्मान से अपना रहे हैं, दहेज लेकर नहीं। बदलाव की शुरुआत खुद से करनी होती है। दहेज प्रथा को खत्म करने की जरूरत है। इसलिए मैंने केवल एक चांदी का सिक्का लिया।”
विवेक अपने पिता के साथ पारिवारिक व्यापार संभालते हैं। उनकी मां का पहले ही निधन हो चुका है।

खाप पंचायत के निर्णय से मिली प्रेरणा

दूल्हे के फुफेरे भाई और भाकियू टिकैत के युवा मोर्चा के एनसीआर अध्यक्ष योगेंद्र सिंह उर्फ मंटू चौधरी ने बताया कि कुछ समय पहले मुजफ्फरनगर के सोरम में सर्व खाप पंचायत हुई थी, जिसमें बिना दहेज शादी और मृत्यु भोज न करने की अपील की गई थी।
विवेक के परिवार ने उसी निर्णय को आगे बढ़ाते हुए यह साहसिक कदम उठाया।

उन्होंने कहा—
“सर्व खाप के निर्णय का पालन करते हुए विवेक ने दहेज मुक्त विवाह किया है। हम चाहते हैं कि समाज में यह एक नई शुरुआत बने।”


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