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गोरखपुर: ‘वह मुझसे चिढ़ती थी…’ 110 सवालों में उलझते ही भाई ने कबूला बहन का बेरहमी से कत्ल, एक महीने से बना रहा था प्लान

Published on: November 2, 2025
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जागृत भारत | गोरखपुर(Gorakhpur): गोरखनाथ थाना क्षेत्र के नया गांव में नीलम निषाद की हत्या का मामला सुलझ गया है, जिसने पुलिस को भी झकझोर कर रख दिया है। नीलम के हत्यारे भाई राम आशीष निषाद ने पुलिस पूछताछ के दौरान ऐसे सनसनीखेज खुलासे किए, जिससे पता चला कि उसने इस वारदात को ठंडे दिल से अंजाम दिया। करीब 110 सवालों में उलझने के बाद राम आशीष ने अपना गुनाह कबूल किया और बेझिझक कहा कि “नीलम मुझसे चिढ़ती थी, इसलिए उसे मारने का दुख नहीं है।”


हत्या की असली वजह: ₹5 लाख का मुआवजा

पुलिस जांच में सामने आया कि इस जघन्य हत्याकांड के पीछे मुख्य कारण संपत्ति और पैसे का लालच था।

  • मुआवजे की रकम: नीलम के पिता चिंकू निषाद को फोरलेन प्रोजेक्ट में जमीन आने के बाद लगभग ₹5 लाख का मुआवजा मिला था।
  • शादी के लिए पैसे: पिता इस पैसे का इस्तेमाल 19 वर्षीय बेटी नीलम की शादी में करना चाहते थे।
  • भाई का लालच: आरोपी बड़ा बेटा राम आशीष (32) इस मुआवजे में हिस्सा मांग रहा था। उसने सोचा कि अगर वह नीलम को रास्ते से हटा देगा, तो पैसे के साथ-साथ सारी संपत्ति पर भी उसका कब्जा हो जाएगा।
  • मौका: राम आशीष ने छठ पूजा के दिन मौका पाकर वारदात को अंजाम दिया।

एक महीने पहले से थी ‘प्लानिंग’

आरोपी राम आशीष ने खुलासा किया कि उसने यह हत्या अचानक नहीं की, बल्कि वह पूरे एक महीने से इस साजिश को अंजाम देने की योजना बना रहा था।

  • गला घोंटकर हत्या: 27 अक्टूबर को मौका पाकर उसने गला घोंटकर नीलम को मार डाला।
  • शव को मोड़ा-मरोड़ा: हत्या के बाद उसने लाश को बोरी में भरने के लिए ऐसे मोड़ा-मरोड़ा कि गले की हड्डी और दोनों हाथों की हड्डियां कई जगह से टूट गईं।
  • बनाई झूठी कहानी: भागने की कहानी गढ़ने के लिए उसने माँ के बक्से का ताला तोड़ा और जेवर भी चुराए, ताकि लगे कि यह लूटपाट का मामला है।

गेहूं की बोरी से हुआ खुलासा

गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने जब राम आशीष से कड़ाई से पूछताछ की तो वह ‘गेहूं की बोरी’ के बयान पर फंस गया।

  • झूठा बयान: राम आशीष ने पुलिस को बताया कि वह बाइक पर बोरे में गेहूं लेकर जा रहा था।
  • सामने आई सच्चाई: पुलिस ने जब राम आशीष के घर जाकर उसकी माँ इसरावती से पूछा कि क्या घर में गेहूं रखा है, तो उन्होंने इनकार कर दिया।
  • गुनाह कबूल: कमरे की तलाशी में गेहूं का एक दाना भी नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस ने सख्ती बरती। राम आशीष ने आखिरकार हत्या की बात स्वीकार की और कुशीनगर जाकर लाश बरामद कराई।

हत्या के बाद राम आशीष ने अपनी पत्नी और बच्चों के पास ससुराल (पिपराइच स्थित चक जलाल छोटका टोला) में जाकर पूरी रात गुजारी।


पड़ोसियों की मांग और पुलिस की कार्रवाई

नीलम की मौत से न केवल उसका परिवार, बल्कि पड़ोसी भी दुखी हैं।

  • पड़ोसियों का दुख: पड़ोसी निर्मला देवी ने नीलम को मिलनसार और सच्चे दिल की लड़की बताया, जो मुफ्त में सिलाई का काम भी कर देती थी। उन्होंने हत्यारे भाई को फांसी देने की मांग की है।
  • फास्ट ट्रैक की अपील: एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि आरोपी को जेल भेजा जा चुका है और विवेचक ने सभी साक्ष्य एकत्रित कर लिए हैं। इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के लिए अपील की जाएगी, ताकि आरोपी को जल्द से जल्द सख्त सजा मिल सके।

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