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लखनऊ कतकी मेला: मियाद खत्म होने के बाद भी दुकानें और अवैध पार्किंग, नगर निगम को रोज 6 लाख रुपए का नुकसान

Published on: January 13, 2026
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जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): कतकी मेले की आधिकारिक अवधि 7 जनवरी को समाप्त हो चुकी है, लेकिन मेले की रौनक अब भी जारी है। इसका लाभ आयोजन करने वाली फर्म “जय शिव शक्ति” को मिल रहा है, जबकि नगर निगम को प्रतिदिन लगभग 6 लाख रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। बीते छह दिनों में निगम को करीब 30 लाख रुपए की चपत लग चुकी है।

नगर आयुक्त गौरव कुमार ने मामले की जानकारी मिलने के बाद फर्म पर जुर्माना लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। मेले में लगभग एक हजार वेंडरों ने दुकानें लगाई हुई हैं और रोज़ाना करीब 20 हजार लोग मेला देखने पहुंच रहे हैं।

अवैध पार्किंग और अतिरिक्त वसूली का खेल

मेले में पार्किंग शुल्क फर्म की ओर से तय दरों से दोगुना वसूला जा रहा है। दोपहिया वाहन से 30 रुपए और चारपहिया वाहन से 50 रुपए लिए जा रहे हैं, जबकि नगर निगम द्वारा निर्धारित शुल्क क्रमशः 15 और 30 रुपए है। ऑनलाइन वसूली प्रियंका अग्रवाल के खाते में जा रही है। अनुमान है कि रोजाना दोपहिया वाहनों से 2 लाख 40 हजार रुपए, चारपहिया वाहनों से 1 लाख रुपए और 1,000 व्यापारियों से 2,500 रुपए अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी

नगर निगम के अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि इस मामले में जानकारी रखते हैं, लेकिन कोई सार्वजनिक रूप से इस पर टिप्पणी नहीं कर रहा। zonal अधिकारी आकाश कुमार ने बताया कि आयोजन स्थल खाली कराने के लिए नोटिस जारी की गई है और पार्किंग शुल्क की जांच की जाएगी।

पहले भी हो चुका है विवाद

पिछले साल भी इसी फर्म पर मेला समाप्त होने के बाद अतिरिक्त शुल्क वसूलने का आरोप था। उस समय आयोजक मौके से भाग गए थे और तत्कालीन जोनल अफसर अमरजीत यादव की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद इस वर्ष वही फर्म टेंडर जीत गई।

नगर आयुक्त ने दी कार्रवाई की चेतावनी

नगर आयुक्त गौरव कुमार ने स्पष्ट किया है कि मेले की अधिक अवधि के लिए फर्म को प्रतिदिन 6 लाख रुपए के हिसाब से जुर्माना भरना होगा। कुल जुर्माना करीब 30 लाख रुपए होने की संभावना है।

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