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गाजा मुद्दे पर मोदी सरकार की चुप्पी पर सोनिया गांधी का सवाल, फलस्तीन के समर्थन में स्पष्ट रुख अपनाने की मांग

Published on: June 28, 2026
Modi government on the Gaza issue
जागृत भारत,नई दिल्ली : कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने गाजा में जारी संघर्ष और मानवीय संकट को लेकर केंद्र सरकार की कथित चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारत को फलस्तीनी लोगों के समर्थन में स्पष्ट और मुखर रुख अपनाना चाहिए तथा गाजा और वेस्ट बैंक की मौजूदा स्थिति पर वैश्विक जनमत के अनुरूप प्रतिक्रिया देनी चाहिए।
एक अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित अपने लेख में सोनिया गांधी ने संयुक्त राष्ट्र की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि गाजा में बच्चों को व्यवस्थित रूप से निशाना बनाया जा रहा है और वहां मानवीय संकट बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच चुका है।
उन्होंने कहा कि हजारों बच्चों की मौत और बड़ी संख्या में उनके घायल होने की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। उनके अनुसार, आयोग की रिपोर्ट में गाजा में व्यापक तबाही और नागरिकों, विशेषकर बच्चों पर पड़ रहे प्रभाव का विस्तृत उल्लेख किया गया है।
सोनिया गांधी ने लिखा कि आयोग की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर कर रहे हैं और 94 पन्नों की यह रिपोर्ट गाजा की स्थिति का बेहद मार्मिक चित्रण करती है। उन्होंने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि बड़ी संख्या में बच्चों की मौत हुई है, हजारों घायल हुए हैं और कई बच्चे स्थायी रूप से विकलांग हो गए हैं।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि रिपोर्ट में बच्चों के सिर और गर्दन पर गोली लगने के मामलों, स्कूलों और अस्पतालों के व्यापक नुकसान तथा स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़े गंभीर प्रभाव का उल्लेख किया गया है। उनके अनुसार, गाजा के अधिकांश शैक्षणिक संस्थान और स्वास्थ्य ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
सोनिया गांधी ने दावा किया कि कई देशों ने फलस्तीनी राष्ट्र को मान्यता दी है और कुछ देशों ने इजराइल के साथ अपने संबंधों की समीक्षा भी शुरू कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार ने न्यायमूर्ति एस. मुरलीधर की अध्यक्षता वाली आयोग की रिपोर्ट पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति ऐतिहासिक रूप से उपनिवेशवाद-विरोध, राष्ट्रीय संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय शांति के सिद्धांतों पर आधारित रही है, लेकिन वर्तमान में देश इन मूल्यों से दूर होता दिखाई दे रहा है। उन्होंने गाजा की बच्ची हिंद रजब का उल्लेख करते हुए कहा कि यह घटना वहां के मानवीय संकट का प्रतीक बन गई है।
सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की चुप्पी केवल नैतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित के नजरिए से भी उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत को फलस्तीन के समर्थन में अपनी पारंपरिक नीति को मजबूत करते हुए गाजा और वेस्ट बैंक के मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।

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