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यूपी में बिजली दरों में छठे वर्ष भी बढ़ोतरी नहीं… ऊर्जा मंत्री बोले- ओटीएस योजना के बाद उपभोक्ताओं को दूसरा बड़ा न्यू ईयर गिफ्ट

Published on: November 23, 2025
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जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए नए वर्ष की शुरुआत राहत भरी होने जा रही है। ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने शनिवार को घोषणा की कि वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए प्रदेश में बिजली दरों में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। यह लगातार छठा वर्ष है जब उपभोक्ताओं को बिजली दरों में स्थिरता का लाभ मिलेगा। मंत्री ने इसे प्रदेश की जनता के लिए सरकार का दूसरा बड़ा न्यू ईयर गिफ्ट बताया है।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि कुछ दिन पहले ही उपभोक्ताओं को ओटीएस (वन-टाइम सेटेलमेंट) योजना के माध्यम से भारी राहत दी गई थी। लाखों उपभोक्ताओं के बकाया बिलों को आसान किस्तों और माफियों के माध्यम से हल करने का मौका मिला। अब अपरिवर्तित बिजली दरों के रूप में प्रदेशवासियों को एक और बड़ा लाभ दिया गया है।

नियामक आयोग ने सभी श्रेणियों के लिए दरें स्थिर रखीं

शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने विस्तृत समीक्षा और विचार-विमर्श के बाद यह फैसला लिया है कि घरेलू, व्यावसायिक, औद्योगिक, ग्रामीण और कृषि—सभी श्रेणियों में बिजली की दरें जैसी थीं वैसी ही रहेंगी। उन्होंने कहा कि छह साल तक लगातार बिजली दरें न बढ़ाना सरकार के उपभोक्ता हितैषी दृष्टिकोण को दर्शाता है और यह पूरे देश में एक उदाहरण है।

प्रदेश का पहला बड़ा राज्य जो छह साल से बिजली दरें नहीं बढ़ा रहा

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश वह प्रमुख राज्य बन चुका है जहां जनता के हित में पिछले छह वर्षों से एक भी पैसा बढ़ाए बिना बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा और ऐतिहासिक है, क्योंकि इससे घरेलू परिवारों को बढ़ती महंगाई के बीच आर्थिक स्थिरता मिलेगी।

गरीब, किसान, मजदूर, व्यापारी और मध्यमवर्ग को सीधा लाभ

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि स्थिर बिजली दरें समाज के हर वर्ग को राहत देंगी—

  • गरीब परिवारों को सीमित आय में बजट संभालने में सहायता

  • किसानों को खेती से जुड़े कार्यों के लिए स्थिर बिजली खर्च

  • मजदूर और छोटे व्यापारी महंगाई से थोड़ी राहत

  • मध्यमवर्गीय परिवार को घरेलू बिजली खर्च में नियंत्रण उन्होंने कहा कि यह निर्णय घरेलू बजट को मजबूती देगा और उद्योगों को भी लागत स्थिरता का लाभ प्रदान करेगा।

उद्योगों में स्थिरता का भरोसा बढ़ेगा

मंत्री के अनुसार, बिजली दरें न बढ़ने से ऊर्जा लागत स्थिर रहने वाली है, जो उद्योगों और MSME सेक्टर के लिए बेहद फायदेमंद है। उत्पादन लागत न बढ़ने से उद्योगों को योजना बनाने और निवेश करने में भरोसेमंद माहौल मिलता है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि एक तरफ उपभोक्ता बचत करें और दूसरी ओर उद्योगों को निरंतर विकास के लिए स्थिर वातावरण मिल सके।

यूपी बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत : देश का पहला राज्य बना उत्तर प्रदेश जहां लगातार छठवें साल नहीं बढ़ेंगी बिजली दरें

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