बांग्लादेश सरकार ने अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ढाका का कहना है कि प्रधानमंत्री की दिल्ली यात्रा पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, सत्ता के करीबी सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि तारिक रहमान ने सम्मेलन में शामिल नहीं होने का मन बना लिया है।
14 जुलाई को भेजा गया था निमंत्रण
रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BIMSTEC के मौजूदा अध्यक्ष के तौर पर तारिक रहमान को BRICS के आउटरीच सत्र में शामिल होने का निमंत्रण दिया था। यह राजनयिक निमंत्रण 14 जुलाई को ढाका स्थित भारतीय उच्चायोग के माध्यम से बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय को भेजा गया था। BRICS के आउटरीच सत्र में आमतौर पर गैर-सदस्य देशों और क्षेत्रीय संगठनों के चुनिंदा नेताओं को आमंत्रित किया जाता है।
हसीना मुद्दे पर भारत से नाराजगी
तारिक सरकार की भारत से नाराजगी की सबसे बड़ी वजह पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को माना जा रहा है। अगस्त 2024 में बांग्लादेश छोड़ने के बाद हसीना भारत में रह रही हैं। हाल में भारत में आयोजित उनके एक वर्चुअल कार्यक्रम और पत्रकारों से सीधे बातचीत को लेकर ढाका ने कड़ी आपत्ति जताई थी। बांग्लादेश का आरोप है कि भारतीय जमीन से हसीना को राजनीतिक गतिविधियां करने की अनुमति दिए जाने से दोनों देशों के रिश्तों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
‘हसीना कार्ड खेलकर दोस्ती नहीं कर सकते’
बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने भारत को लेकर कड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत को ‘हसीना कार्ड’ का इस्तेमाल बंद करना होगा। उन्होंने कहा कि अगर भारत शेख हसीना को बांग्लादेश के खिलाफ राजनीतिक गतिविधियां करने की अनुमति देता है, तो फिर दोनों देशों के बीच दोस्ताना संबंधों को लेकर नई दिल्ली को अपने रुख पर पुनर्विचार करना चाहिए। गृह मंत्री के मुताबिक, बांग्लादेश भारत के साथ ऐसा संबंध चाहता है जो आपसी निर्भरता, संप्रभुता और एक-दूसरे के सम्मान पर आधारित हो।
BRICS के बहाने रिश्तों की परीक्षा
तारिक रहमान का संभावित रूप से BRICS आउटरीच सत्र से दूर रहना भारत-बांग्लादेश संबंधों में बढ़ते तनाव का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा सकता है। हालांकि, जब तक ढाका की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं होती, तब तक इसे अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। फिलहाल शेख हसीना का भारत में रहना, उनकी राजनीतिक गतिविधियां और बांग्लादेश की नई सरकार की आपत्तियां दोनों देशों के रिश्तों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।