जागृत भारत | गोरखपुर(Gorakhpur): पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर, जो पद के दुरुपयोग के मामले में देवरिया जेल में निरुद्ध हैं, ने मंगलवार रात करीब 10:30 बजे सीने में दर्द और भारीपन की शिकायत की। इसके बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
जेल में दिया गया प्राथमिक उपचार
शिकायत मिलते ही जेल अस्पताल के चिकित्सक डॉ. राहुल त्रिपाठी बैरक पहुंचे और प्राथमिक उपचार किया, लेकिन अमिताभ ठाकुर को कोई खास राहत नहीं मिली। तबीयत में सुधार न होने पर उन्हें आगे इलाज के लिए भेजने का निर्णय लिया गया।
देवरिया से गोरखपुर किया गया रेफर
रात 11:30 बजे उन्हें महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज, देवरिया की इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां की गई ईसीजी जांच संतोषजनक नहीं पाई गई। इसके बाद चिकित्सकों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रात 1:00 बजे एएलएस (एडवांस लाइफ सपोर्ट) एम्बुलेंस से उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर रेफर कर दिया।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती
गोरखपुर पहुंचने पर अमिताभ ठाकुर को आईसीयू वार्ड नंबर 14 के बेड नंबर 8 पर भर्ती किया गया। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उनका इलाज शुरू किया। बुधवार को उनकी ट्रोप-आई जांच कराई गई, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई, जिससे हार्ट अटैक की आशंका कम मानी जा रही है।
ईको रिपोर्ट सामान्य, लेकिन ईसीजी बनी चिंता
इसके अलावा उनकी ईकोकार्डियोग्राफी (ईको) रिपोर्ट भी सामान्य आई है। हालांकि डॉक्टरों ने बताया कि ईसीजी रिपोर्ट अब भी संतोषजनक नहीं है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की सलाह के बाद शाम को उन्हें लखनऊ रेफर करने का निर्णय लिया गया।
न्यायिक हिरासत 21 जनवरी तक बढ़ी
स्वास्थ्य के साथ-साथ कानूनी मोर्चे पर भी अमिताभ ठाकुर को राहत नहीं मिली है। पद का दुरुपयोग कर औद्योगिक प्लॉट आवंटित कराने के मामले में 10 दिसंबर से जेल में बंद ठाकुर की न्यायिक हिरासत 21 जनवरी तक बढ़ा दी गई है।
जमानत याचिका खारिज
बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मंजू कुमारी की अदालत ने उनकी ओर से दी गई दलीलों को खारिज करते हुए अभिरक्षा बढ़ाने का आदेश दिया। इससे पहले मंगलवार को भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। अब उन्हें जनपद न्यायाधीश की अदालत में नियमित जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल करना होगा।
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