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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई : आम्रपाली समूह की ₹99 करोड़ से अधिक की संपत्तियां जब्त, कोलकाता से मुंबई तक फैला नेटवर्क उजागर

Published on: January 4, 2026
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जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): मनी लॉन्ड्रिंग मामले में रियल एस्टेट कंपनी आम्रपाली समूह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए समूह की ₹99.26 करोड़ से अधिक मूल्य की संपत्तियों को कुर्क कर लिया है। कुर्क की गई ये संपत्तियां कोलकाता, फरीदाबाद और मुंबई में स्थित हैं। इसके साथ ही अब तक ईडी आम्रपाली समूह की करीब ₹300 करोड़ की संपत्तियां जब्त कर चुका है।

किन संपत्तियों पर हुई कार्रवाई

ईडी के अनुसार जिन संपत्तियों को कुर्क किया गया है, उनमें मेसर्स मौर्या उद्योग लिमिटेड का कार्यालय और फैक्टरी की जमीन प्रमुख रूप से शामिल है। यह कंपनी सुरेका समूह की संस्थाओं में आती है। इसके अलावा कंपनी का एक भवन भी ईडी की कार्रवाई के दायरे में आया है।
इन संपत्तियों के प्रमोटर नवनीत सुरेका और अखिल सुरेका हैं। ईडी के मुताबिक, 30 दिसंबर 2016 तक इन संपत्तियों का उचित बाजार मूल्य ₹99.26 करोड़ आंका गया था, जबकि मौजूदा समय में इनकी कीमत और अधिक होने की संभावना है।

फर्जी लेन-देन और रकम डायवर्जन का खुलासा

जांच में सामने आया कि आम्रपाली समूह के निदेशक अनिल कुमार शर्मा, शिव प्रिया, अजय कुमार और अन्य आरोपियों ने मौर्या उद्योग लिमिटेड और मेसर्स जोतिंद्र स्टील एंड ट्यूब्स लिमिटेड के निदेशकों नवनीत सुरेका व अखिल सुरेका के साथ मिलकर टीएमटी बार और निर्माण सामग्री की खरीद के नाम पर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की। इस पूरे खेल में फर्जी कंपनियों का सहारा लेकर धनराशि डायवर्ट की गई। ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि इसी तरीके से ₹110.39 करोड़ की राशि मौर्या उद्योग लिमिटेड को ट्रांसफर की गई थी।

ग्राहकों से धोखाधड़ी का मामला

ईडी की जांच में पहले ही यह बड़ा खुलासा हो चुका है कि आम्रपाली समूह ने अपने ग्राहकों से भारी भरकम रकम वसूल की, लेकिन न तो समय पर फ्लैट दिए गए और न ही जमीन। आरोप है कि समूह ने योजनाबद्ध तरीके से ग्राहकों की रकम का दुरुपयोग और गबन किया।

कई थानों में दर्ज हैं केस

आम्रपाली समूह के खिलाफ देश के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। इन्हीं मामलों के आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। अब संपत्तियों की कुर्की से यह साफ हो गया है कि एजेंसी इस मामले में सख्त रुख अपनाए हुए है और आगे भी कार्रवाई जारी रह सकती है।

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