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लखनऊ: UP सिपाही व RO/ARO परीक्षा पेपर लीक मामले में ED का बड़ा एक्शन, 17 आरोपियों पर पूरक आरोप पत्र दाखिल

Published on: January 14, 2026
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जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): प्रवर्तन निदेशालय (ED) लखनऊ ने उत्तर प्रदेश सिपाही भर्ती परीक्षा-2023 और UPPSC RO/ARO भर्ती परीक्षा-2023 के बहुचर्चित पेपर लीक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 17 अभियुक्तों के खिलाफ विशेष न्यायालय में पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने प्रश्नपत्र लीक कर अभ्यर्थियों से भारी रकम वसूली और उस धन को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए खपाया।

ईडी द्वारा दाखिल पूरक आरोप पत्र में बताया गया है कि लीक किए गए प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों को मोटी रकम लेकर बेचे गए। इस अवैध कमाई को बैंक खातों में जमा करने, संपत्तियां खरीदने और नकद लेन-देन के माध्यम से सफेद करने की कोशिश की गई। मनी लॉन्ड्रिंग के पुख्ता सबूत मिलने के बाद ईडी ने चार्जशीट दाखिल की है।

इससे पहले ईडी लखनऊ ने आरोपियों की लगभग 1.02 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच की थीं। इनमें प्लॉट, अपार्टमेंट, बैंक खाते और वाहन शामिल हैं। जांच में पाया गया कि ये सभी संपत्तियां सीधे तौर पर पेपर लीक से अर्जित अपराध की आय से खरीदी गई थीं।

रिजॉर्ट में ठहराकर कराई गई ‘सेटिंग’

ईडी की जांच में खुलासा हुआ है कि लीक किए गए प्रश्नपत्र अभ्यर्थियों को देने के लिए उन्हें हरियाणा के मानेसर और मध्य प्रदेश के रीवा स्थित रिजॉर्ट्स में ठहराया गया था। परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को वहीं प्रश्नों की तैयारी कराई जाती थी, ताकि वे परीक्षा में सफल हो सकें।

बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि परीक्षा की अधिसूचना जारी होने और परीक्षा तिथियों के आसपास आरोपियों के बैंक खातों में बड़ी मात्रा में धनराशि जमा की गई। कई खातों में अचानक भारी क्रेडिट और कैश डिपॉजिट पाए गए, जिन्हें ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग से जोड़ा है।

रवि अत्री और सुभाष प्रकाश निकले मास्टरमाइंड

ईडी की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि रवि अत्री और सुभाष प्रकाश इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड थे। इन्होंने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर UP पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा-2023 और RO/ARO परीक्षा-2023 के प्रश्नपत्र लीक किए और पूरे रैकेट का संचालन किया।

ईडी ने यह जांच उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी। ये FIR भारतीय दंड संहिता, उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-1998 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम-2000 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थीं।

नवंबर 2024 में हुई थी मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी

इस मामले में 19 नवंबर 2024 को ईडी ने मुख्य मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया था। इसके बाद वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों की गहन जांच की गई, जिसके आधार पर अब 17 आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया गया है।

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