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देवरिया : विधायक की आपत्ति के बाद प्रशासन सख्त, देवरिया में मजार पर प्रस्तावित उर्स आयोजन पर लगी रोक

Published on: January 2, 2026
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जागृत भारत | देवरिया(Deoria): जिले में गोरखपुर ओवरब्रिज के पास स्थित एक मजार पर तीन और चार जनवरी को प्रस्तावित उर्स के आयोजन को प्रशासन ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है। यह कार्रवाई सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी द्वारा आयोजन पर आपत्ति जताए जाने के बाद की गई।

अवैध मजार होने का विधायक ने लगाया आरोप

सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी का कहना है कि जिस स्थान पर मजार स्थित है, वह भूमि पूरी तरह सरकारी बंजर भूमि है। विधायक के अनुसार उस भूमि का नामांतरण भी बंजर के रूप में दर्ज हो चुका है, इसके बावजूद वहां बड़े स्तर पर इस्लामिक आयोजन की तैयारी की जा रही थी, जो पूरी तरह गैरकानूनी है।

प्रमुख सचिव गृह को पत्र भेजकर की गई शिकायत

विधायक ने इस मामले को गंभीर बताते हुए प्रमुख सचिव गृह को पत्र भेजा। पत्र में उन्होंने तत्काल उर्स आयोजन पर रोक लगाने और कथित अवैध मजार को ध्वस्त कराने की मांग की। विधायक ने कहा कि प्रशासन द्वारा ऐसे स्थल पर आयोजन की अनुमति प्रक्रिया शुरू किया जाना बेहद चिंताजनक है।

प्रशासन ने आनन-फानन में अनुमति देने से किया इनकार

विधायक का पत्र जारी होते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया। उर्स आयोजन के लिए दी गई अनुमति संबंधी अर्जी को आनन-फानन में खारिज कर दिया गया। प्रशासन ने साफ कर दिया कि तीन और चार जनवरी को किसी भी स्थिति में उर्स का आयोजन नहीं होगा।

दरगाह कमेटी ने मांगी थी अनुमति

जानकारी के मुताबिक देवरिया–गोरखपुर मार्ग स्थित कुर्न नाला के पास आस्ताना हजरत शहीद सैय्यद अब्दुल गनी शाह बाबा पर वार्षिक उर्स आयोजित किए जाने का प्रस्ताव था। दरगाह कमेटी की ओर से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) को आवेदन देकर आयोजन की अनुमति मांगी गई थी।

शांति व्यवस्था बनाए रखने का दिया गया था आश्वासन

दरगाह कमेटी के आवेदन में कहा गया था कि तीन और चार जनवरी 2026 को वार्षिक उर्स का आयोजन किया जाएगा और कार्यक्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखी जाएगी। इसी आधार पर आवश्यक अनुमति देने का अनुरोध किया गया था।

विधायक ने ढिलाई को बताया अस्वीकार्य

डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा कि सरकारी बंजर भूमि पर किसी भी प्रकार का धार्मिक आयोजन पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।

स्व. रामनगीना यादव का किया उल्लेख

विधायक ने इस मुद्दे पर पूर्व विधायक स्वर्गीय रामनगीना यादव का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने इस मजार के खिलाफ संघर्ष करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। विधायक ने कहा कि उस संघर्ष को अब अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाया जाएगा।

कानून सम्मत विरोध की अपील

डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने नागरिकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और कानून के दायरे में रहकर विरोध दर्ज कराएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले में विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

प्रशासनिक सख्ती से रुका आयोजन

विधायक की आपत्ति के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए उर्स आयोजन की अनुमति देने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया है। इससे क्षेत्र में संभावित तनाव की स्थिति को समय रहते टाल लिया गया है।

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