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जेन जी कनेक्ट यात्रा देवरिया पहुंची, सरकारी स्कूलों की बदहाली पर उठाए सवाल; 2 अक्टूबर तक सुधार का अल्टीमेटम

Published on: August 24, 2026
Gen Z Connect Journey Deoria

जागृत भारत,देवरिया। जेन जी कनेक्ट यात्रा रविवार शाम रामपुर कारखाना होते हुए देवरिया पहुंची। यात्रा से जुड़े युवाओं ने सुभाष चौक पर प्रेस वार्ता कर सरकारी स्कूलों, स्वास्थ्य सेवाओं, रोजगार और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति को लेकर सवाल उठाए।

युवाओं ने यात्रा के दौरान चिह्नित किए गए विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को 2 अक्टूबर तक का समय दिया है। उनका कहना है कि जिन स्कूलों में सुविधाओं की कमी सामने आई है, वहां निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधार कराया जाना चाहिए।

स्कूलों की स्थिति को लेकर जारी किए वीडियो

यात्रा के दौरान युवाओं ने सरकारी विद्यालयों की कथित बदहाल स्थिति से संबंधित वीडियो भी जारी किए थे। युवाओं का दावा है कि इन वीडियो में विद्यालय परिसरों में कचरा, मलबा और अन्य अव्यवस्थाएं दिखाई गई थीं। वीडियो सामने आने के बाद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने का भी उन्होंने दावा किया। यात्रा से जुड़े सदस्य रजत ने कहा कि संबंधित कार्रवाई में यदि विद्यालय परिसर में कचरा और मलबा होने तथा बाद में उसे हटाए जाने का उल्लेख है, तो ऐसे में वीडियो को ‘मिथ्या’ बताए जाने पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

FIR की धाराओं पर भी उठाए सवाल

युवाओं ने एफआईआर में लगाई गई बीएनएस की धारा 353(2) और 329(4) को लेकर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि सरकारी विद्यालय की वास्तविक स्थिति दिखाने को वैमनस्य फैलाने से जोड़ना और विद्यालय परिसर में प्रवेश को आपराधिक अतिक्रमण बताना उचित नहीं है। हालांकि, एफआईआर में दर्ज आरोपों और युवाओं की ओर से लगाए गए दावों की अंतिम स्थिति जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और योजनाओं का लिया जायजा

जेन जी कनेक्ट यात्रा के दौरान युवाओं ने सरकारी विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों और विभिन्न सरकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति का जायजा लेने का दावा किया। युवाओं के मुताबिक, कई स्थानों पर मूलभूत सुविधाओं की कमी देखने को मिली।  उन्होंने जिलाधिकारी और बेसिक शिक्षा अधिकारी से यात्रा के दौरान चिह्नित किए गए विद्यालयों की सूची साझा करने की मांग की है, ताकि संबंधित स्कूलों में आवश्यक सुविधाओं की स्थिति पर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई हो सके।

2 अक्टूबर के बाद दोबारा निगरानी की बात

युवाओं ने कहा कि उनका अभियान केवल समस्याओं को सामने लाने तक सीमित नहीं रहेगा। 2 अक्टूबर के बाद चिह्नित विद्यालयों और सरकारी सेवाओं की स्थिति की दोबारा निगरानी की जाएगी। इसके बाद सामने आने वाली स्थिति की रिपोर्ट प्रशासन के समक्ष रखी जाएगी। युवाओं का कहना है कि उनका उद्देश्य सरकारी संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं की जमीनी स्थिति को सामने लाना और आवश्यक सुधार के लिए प्रशासन का ध्यान आकर्षित करना है।


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