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यूपी के औरैया में NRLM घोटाला: फर्जी समूह बनाकर 16.71 लाख की हेराफेरी, ब्लॉक मिशन मैनेजर समेत 4 पर FIR

Published on: January 13, 2026
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जागृत भारत | औरैया(Auraiya): जिले के भाग्यनगर ब्लॉक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। यहां फर्जी स्वयं सहायता समूह और संकुल स्तरीय संघ (CLF) बनाकर 16.71 लाख रुपये की सरकारी धनराशि हड़प ली गई। मामले की जांच पूरी होने के बाद खंड विकास अधिकारी की तहरीर पर ब्लॉक मिशन प्रबंधक समेत चार लोगों के खिलाफ फफूंद थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।

जांच के बाद दर्ज हुआ मुकदमा

रविवार देर रात भाग्यनगर ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी डॉ. आदित्य तिवारी की ओर से दी गई तहरीर पर यह कार्रवाई की गई। उपायुक्त रोजगार एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन एसएन सिंह के निर्देश पर कराई गई गोपनीय जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस केस दर्ज कराया गया।

कैसे किया गया 16.71 लाख रुपये का खेल

जांच में सामने आया कि जागृति समूह के नाम पर महिलाओं को शामिल दिखाकर एक समिति बनाई गई। 20 नवंबर 2024 को कूटरचित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराकर बैंक में जमा किए गए। इसके बाद औरैया की यूपी ग्रामीण बैंक से धनराशि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की फफूंद शाखा में स्थानांतरित कर दी गई। यहीं से अलग-अलग खातों के माध्यम से रकम निकाल ली गई।

ब्लॉक मिशन प्रबंधक की भूमिका पर सवाल

तहरीर के अनुसार, भाग्यनगर ब्लॉक के एनआरएलएम ब्लॉक मिशन प्रबंधक (BMM) संकल्प तिवारी ने कूटरचित अभिलेख तैयार कर स्वयं लिखित संस्तुति दी और वित्तीय अनियमितता के उद्देश्य से यूनियन बैंक की फफूंद शाखा में जागृति प्रेरणा संकुल स्तरीय संघ रोशनपुर के नाम से खाता खुलवाया। इसी खाते से विभिन्न समूहों की धनराशि का अनियमित हस्तांतरण और आहरण कराया गया।

इन लोगों पर दर्ज हुआ केस

जांच में आरोप सही पाए जाने पर ब्लॉक मिशन प्रबंधक संकल्प तिवारी, निखिल कुशवाहा, पूनम डेविड पत्नी लालसिंह और संध्या पत्नी सत्यपाल के खिलाफ फफूंद थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

फर्जी CLF बनाकर रची गई साजिश

अधिकारियों के अनुसार, प्रत्येक ब्लॉक में सामान्यतः चार संकुल स्तरीय संघ बनाए जाते हैं, लेकिन भाग्यनगर ब्लॉक में नियमों को ताक पर रखकर पांचवां फर्जी संकुल स्तरीय संघ बना दिया गया। लड़ैयापुर और देवरपुर के स्वयं सहायता समूहों और संगठनों को गुमराह कर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया।

बैंक ट्रांजैक्शन से खुला राज

16.71 लाख रुपये पहले यूपी ग्रामीण बैंक में स्थानांतरित कराए गए। इसके बाद संदेहास्पद लेन-देन को देखते हुए बैंक ने उपायुक्त एनआरएलएम एसएन सिंह को जानकारी दी। गोपनीय जांच कराई गई तो पूरा घोटाला सामने आ गया। इसके बाद दोनों ब्लॉक मिशन प्रबंधकों संकल्प तिवारी और निखिल कुशवाहा को कार्य से हटा दिया गया।

समिति में तीन महिलाओं को किया गया शामिल

गांव रोशनपुर गर्दपुर (फफूंद) निवासी पूनम देवी को अध्यक्ष, प्रीती को सचिव और संध्या देवी को सदस्य दिखाया गया। तीनों ने अपने आधार कार्ड की फोटोकॉपी पर हस्ताक्षर कर 20 नवंबर 2024 को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में खाता खुलवाया। शाखा प्रबंधक राहुल प्रताप सिंह ने बताया कि बैंक स्तर पर कोई गड़बड़ी नहीं हुई, बल्कि खाता धारकों और विभागीय अधिकारियों द्वारा बैंक को गुमराह किया गया।

क्या है NRLM योजना

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की एक प्रमुख गरीबी उन्मूलन योजना है, जिसे अब दीन दयाल अंत्योदय योजना–NRLM के नाम से जाना जाता है। इसका उद्देश्य ग्रामीण गरीबों को संगठित कर उन्हें स्व-रोज़गार से जोड़ना है, लेकिन भाग्यनगर ब्लॉक में इसी योजना की आड़ में फर्जीवाड़ा कर लिया गया।

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