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पूरी दुनिया चखेगी यूपी का स्वाद! योगी सरकार की ‘एक जिला एक व्यंजन’ योजना से विदेशों में पहुंचेगा आपके जिले का जायका

Published on: January 14, 2026
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जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): उत्तर प्रदेश के पारंपरिक स्वाद अब सिर्फ प्रदेश तक सीमित नहीं रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही ‘एक जिला एक व्यंजन’ (ODOC) योजना की शुरुआत करने जा रहे हैं। यह योजना एक जिला एक उत्पाद (ODOP) की तर्ज पर तैयार की गई है, जिसका उद्देश्य हर जिले के खास व्यंजनों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।

150 पारंपरिक व्यंजनों की सूची तैयार

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग ने इस योजना के तहत प्रदेशभर से करीब 150 प्रसिद्ध व्यंजनों की सूची तैयार की है। हर जिले से कम से कम एक पारंपरिक व्यंजन का चयन किया गया है। चयनित सूची मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी गई है और यूपी दिवस के अवसर पर इस योजना के शुभारंभ की संभावना है।

एफएसएसएआई प्रमाणन और जीआई टैग से मिलेगा वैश्विक भरोसा

योजना के अंतर्गत चयनित व्यंजनों को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से प्रमाणित कराया जाएगा, ताकि विदेशों में बिक्री के दौरान गुणवत्ता और मानकों पर कोई सवाल न उठे। इसके साथ ही सरकार इन उत्पादों को जीआई (भौगोलिक संकेत) टैग दिलाने में भी सहयोग करेगी, जिससे उनके पारंपरिक और क्षेत्रीय महत्व को कानूनी पहचान मिल सके।

पैकेजिंग, प्रचार और सस्ते ऋण में मिलेगी मदद

सरकार कारोबारियों को भारतीय पैकेजिंग संस्थान के माध्यम से आधुनिक पैकेजिंग का प्रशिक्षण दिलाएगी। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खाद्य मेलों में इन व्यंजनों के प्रचार-प्रसार में भी सहायता की जाएगी। कारोबार को बढ़ावा देने के लिए पात्र व्यापारियों को 25 प्रतिशत तक रियायती दर पर ऋण उपलब्ध कराने की योजना भी शामिल है।

निर्यात में ओडीओपी की सफलता, अब ओडीओसी से उम्मीद

निर्यात प्रोत्साहन ब्यूरो के अनुसार वर्ष 2023-24 में उत्तर प्रदेश से 1.70 लाख करोड़ रुपये का निर्यात हुआ, जिसमें 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी ओडीओपी उत्पादों की रही। सरकार को उम्मीद है कि ओडीओसी योजना से खाद्य उत्पादों का निर्यात और पर्यटन दोनों को नई गति मिलेगी।

इन जिलों के व्यंजन बनेंगे यूपी की पहचान

यूनेस्को द्वारा लखनऊ को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ का दर्जा मिलने के बाद ओडीओसी योजना और भी खास हो गई है। सूची में लखनऊ की रेवड़ी, मक्खन मलाई और आम उत्पाद; वाराणसी की तिरंगा बर्फी व मलाई मिठाई; बलिया का सत्तू; आगरा का पेठा; मथुरा की माखन मिस्री; बाराबंकी की चंद्रकला; फर्रुखाबाद की दालमोट; शाहजहांपुर की लौंग बर्फी; सिद्धार्थनगर का मखाना; गोरखपुर का लिट्टी-चोखा; कानपुर का लड्डू; मेरठ की रेवड़ी-गजक और बुलंदशहर की खुरचन जैसे व्यंजन शामिल हैं।

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