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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: प्रियंका चतुर्वेदी ने पीएम मोदी से मांगा जवाब, जांच और पारदर्शिता पर उठाए सवाल

Published on: July 5, 2026
Ram Mandir Offering Controversy

जागृत भारत,नई दिल्ली : अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और दान से जुड़े कथित गड़बड़ी के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगते हुए कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि राम मंदिर के लिए श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान को लेकर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन इस मुद्दे पर लंबे समय से चुप्पी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि न तो प्रधानमंत्री और न ही भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने इस मामले पर सार्वजनिक रूप से कोई बयान दिया है।

बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप

प्रियंका चतुर्वेदी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने राम मंदिर निर्माण का राजनीतिक श्रेय लिया, लेकिन मंदिर से जुड़े कथित चोरी के मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका दावा था कि यदि भगवान के आभूषणों तक की चोरी के आरोप सामने आए हैं, तो यह बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

RSS महासचिव के बयान पर प्रतिक्रिया

उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें कथित तौर पर कहा गया था कि इस तरह की घटनाओं से हिंदू समाज की छवि प्रभावित होती है। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि इस मामले से हिंदू धर्म नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे जरूरी है।

जांच में अब तक क्या कार्रवाई हुई?

मामले की जांच कर रही एजेंसियों के अनुसार अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में कथित तौर पर टिन्नू यादव, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय और अनुकल्प मिश्रा सहित अन्य लोग शामिल हैं।

जांच के दौरान आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर नकदी और कीमती धातुएं बरामद किए जाने का दावा किया गया है। वहीं जांच एजेंसियों को एक योग केंद्र से कथित तौर पर ‘रामराज्य कोष’ लिखी एक संदूक और डिजिटल भुगतान (QR कोड) से जुड़ी सामग्री भी मिली है, जिसकी जांच जारी है।

जांच जारी, आधिकारिक निष्कर्ष का इंतजार

मामले में विभिन्न तरह के दावे और आरोप सामने आए हैं, लेकिन जांच अभी जारी है। संबंधित एजेंसियों की अंतिम रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की पुष्टि या खंडन हो सकेगा। फिलहाल इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।


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