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राहुल गांधी के आरोपों पर बीजेपी का पलटवार, संबित पात्रा बोले— ‘तथ्यों के बजाय भ्रम फैला रहे हैं’

Published on: July 30, 2026
On Rahul Gandhi's allegations

जागृत भारत,नई दिल्ली : लोकसभा में छात्रों पर कथित फायरिंग और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि राहुल गांधी तथ्यों के बजाय भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।

भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी ने लोकसभा में दावा किया था कि छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस ने गोली चलाई और इसका आदेश गृह मंत्री अमित शाह ने दिया। पात्रा ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि छात्रों पर गोली चलने की घटना ही नहीं हुई, इसलिए फायरिंग के आदेश का प्रश्न ही नहीं उठता।

‘फायरिंग का निर्णय मजिस्ट्रेट करता है’

संबित पात्रा ने कहा कि किसी भी प्रदर्शन या कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति में बल प्रयोग अथवा फायरिंग जैसे निर्णय मौके पर मौजूद सक्षम प्रशासनिक अधिकारी या मजिस्ट्रेट परिस्थितियों के अनुसार लेते हैं। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री इस प्रकार के परिचालन संबंधी आदेश नहीं देते। उनके अनुसार, अमित शाह पर लगाया गया आरोप तथ्यों से परे है और जनता को गुमराह करने का प्रयास है।

राहुल गांधी की भाषा पर भी उठाए सवाल

भाजपा सांसद ने राहुल गांधी के भाषण में कथित रूप से इस्तेमाल किए गए शब्दों जैसे “इडियट” और “अंधभक्त” पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की भाषा छात्रों का अपमान करती है। पात्रा ने कहा कि देश का हर छात्र सम्मान का पात्र है और किसी भी छात्र के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग उचित नहीं है।

अमित शाह की मौजूदगी पर भी दिया जवाब

लोकसभा में राहुल गांधी द्वारा गृह मंत्री की अनुपस्थिति का मुद्दा उठाए जाने पर संबित पात्रा ने कहा कि अमित शाह किसी भी कार्यक्रम में छिपकर नहीं जाते और उनके सार्वजनिक कार्यक्रम पहले से घोषित होते हैं। उन्होंने दावा किया कि जिस समय राहुल गांधी सदन में बोल रहे थे, उस दौरान भी गृह मंत्री सदन में मौजूद थे। भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी ने केवल राजनीतिक विवाद पैदा करने के उद्देश्य से उनका नाम लिया।

परीक्षा कानून पर सरकार का पक्ष

संबित पात्रा ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षाओं में गड़बड़ियों और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए केंद्र सरकार पहले ही 2024 में कानून ला चुकी थी और अब उसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए संशोधन विधेयक पेश किया गया है। उन्होंने बताया कि इस विधेयक पर लोकसभा में लगभग 45 सांसदों ने चर्चा की और इसे केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सदन में प्रस्तुत किया। पात्रा ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की भी सराहना की।

राजनीतिक बयानबाजी तेज

राहुल गांधी के आरोपों और भाजपा की प्रतिक्रिया के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है। एक ओर कांग्रेस छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और सरकार की भूमिका पर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा इन आरोपों को निराधार बताते हुए विपक्ष पर तथ्यहीन आरोप लगाने का आरोप लगा रही है।

नोट: इस समाचार में कांग्रेस और भाजपा के नेताओं के दावे एवं आरोप शामिल हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार में उपलब्ध नहीं है।


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