Breaking News

सोनम वांगचुक ने जारी किया अस्पताल का वीडियो, पुलिस और प्रशासन पर रोकने का आरोप

Published on: July 26, 2026
Sonam Wangchuk released...

जागृत भारत,नई दिल्ली : पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल का एक वीडियो साझा किया है, जिसमें वह अस्पताल प्रशासन और पुलिसकर्मियों से बहस करते दिखाई दे रहे हैं। वांगचुक का आरोप है कि 21 जुलाई को दिल्ली हाई कोर्ट से अनुमति मिलने के बावजूद उन्हें सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल जाने से रोकने की कोशिश की गई।

वीडियो में वांगचुक पुलिसकर्मियों से कहते सुनाई देते हैं कि यदि उन्हें अस्पताल से बाहर जाने से रोका जाता है, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी तबीयत बिगड़ती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी। वीडियो में उनकी पत्नी भी पुलिस और अस्पताल प्रशासन के व्यवहार पर आपत्ति जताती दिखाई देती हैं।

हाई कोर्ट ने स्थानांतरण की अनुमति दी थी

दिल्ली हाई कोर्ट ने 21 जुलाई 2026 को आदेश दिया था कि सोनम वांगचुक को बेहतर चिकित्सा सुविधा और स्वतंत्र चिकित्सकीय निगरानी के लिए सफदरजंग अस्पताल से गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल स्थानांतरित किया जाए। आदेश के बाद उन्हें उसी दिन शाम को अस्पताल से छुट्टी देकर मेदांता भेजा गया।

26 दिन बाद समाप्त किया अनशन

सोनम वांगचुक ने 26 दिनों की भूख हड़ताल के बाद 23 जुलाई 2026 की देर रात अपना अनशन समाप्त किया। उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की उपस्थिति में जूस पीकर अनशन तोड़ा।

सरकार के समक्ष रखीं मांगें

अनशन समाप्त करते समय वांगचुक ने सरकार के समक्ष अपनी प्रमुख मांगें रखीं। सरकार की ओर से इन मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिए जाने के बाद उन्होंने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।

ध्यान दें: अस्पताल परिसर में हुई बहस और पुलिस द्वारा रोकने के आरोप सोनम वांगचुक द्वारा साझा किए गए वीडियो और उनके बयान पर आधारित हैं। इस मामले में संबंधित प्रशासन या पुलिस का पक्ष सामने आने पर स्थिति का व्यापक आकलन किया जा सकता है।



Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply

error: Content is protected !!