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रवि किशन को ‘जान से मारने की धमकी’ मामले में बड़ा खुलासा, पुलिस को जालंधर में मिली आरोपी की लोकेशन; क्या है ‘यादव टिप्पणी’ का विवाद?

Published on: November 3, 2025
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जागृत भारत | गोरखपुर(Gorakhpur): भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार और गोरखपुर के सांसद रवि किशन शुक्ला को मिली जान से मारने की धमकी के मामले में एक बड़ा मोड़ आ गया है। इस हाई-प्रोफाइल केस में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। धमकी देने वाले आरोपी की लोकेशन पंजाब के जालंधर जिले में ट्रैक की गई है। पुलिस ने तुरंत एक टीम को उस क्षेत्र के लिए रवाना कर दिया है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही आरोपी सलाखों के पीछे होगा, जिसके बाद इस धमकी के पीछे के असल मकसद और विवादों का खुलासा हो सकेगा।


धमकी देने वाले का पता चला, बिहार से है आरोपी

गोरखपुर के सांसद रवि किशन को मिली धमकी की सूचना के बाद गोरखपुर पुलिस ने बिहार के भोजपुर पुलिस से संपर्क किया। जांच में यह बात सामने आई है कि धमकी देने वाला व्यक्ति अजय यादव, भोजपुर (बिहार) जिले के जवनिया गांव का रहने वाला है। हालाँकि, वह वर्तमान में पंजाब के जालंधर में काम कर रहा था, और यहीं से उसके मोबाइल फोन की लोकेशन को ट्रैक किया गया है।

पुलिस टीम रवाना, सांसद की सुरक्षा बढ़ाई गई

मामला दर्ज होने के तुरंत बाद, गोरखपुर पुलिस की एक विशेष टीम आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए जालंधर के लिए रवाना हो चुकी है। इस बीच, सांसद की सुरक्षा को भी बढ़ा दिया गया है। तारामंडल स्थित उनके आवास के आसपास पुलिस की टीम लगातार गश्त कर रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

धमकी के पीछे ‘यादव टिप्पणी’ का विवाद

यह धमकी दो दिन पहले सांसद रवि किशन के निजी सचिव शिवम द्विवेदी को फोन पर दी गई थी। कॉल करने वाले अजय यादव ने धमकी देते हुए कहा था कि रवि किशन ‘यादवों पर टिप्पणी’ करते हैं, जिसके लिए वह उन्हें गोली मार देगा। जब सचिव ने आपत्ति जताई, तो आरोपी ने भद्दी भाषा का इस्तेमाल किया और धमकी दी कि वह सांसद की हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है। उसने यह भी कहा कि उसे पता है कि सांसद चार दिन बाद बिहार आने वाले हैं। साइबर थाना पुलिस की टीम अब इस्तेमाल किए गए सिम कार्ड और डिवाइस की पहचान करने में जुटी है, ताकि तकनीकी साक्ष्यों को मजबूत किया जा सके।

सांसद रवि किशन को मिली जान से मारने की धमकी के इस मामले में पुलिस जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने में सफल हो सकती है। यह घटना दर्शाती है कि सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक टिप्पणियाँ किस तरह व्यक्तिगत विद्वेष और गंभीर खतरों में बदल सकती हैं। पुलिस की त्वरित कार्रवाई प्रशंसनीय है, और उम्मीद है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद न केवल धमकी के पीछे का पूरा सच सामने आएगा, बल्कि सार्वजनिक हस्तियों की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों पर भी गंभीरता से ध्यान दिया जाएगा।

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