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टेलीग्राम बैन पर केजरीवाल का केंद्र पर हमला, बोले- पेपर लीक रोकने की नहीं है सरकार की नीयत

Published on: June 18, 2026
Kejriwal on the Telegram ban

जागृत भारत,नई दिल्ली : नीट-यूजी पुनर्परीक्षा से पहले टेलीग्राम ऐप पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को लेकर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की पेपर लीक रोकने की कोई वास्तविक मंशा नहीं है और इसी कारण ऐसे “बेतुके” कदम उठाए जा रहे हैं।

अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार पेपर लीक की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के बजाय दिखावटी कदम उठा रही है।

“टेलीग्राम बंद करने से नहीं रुकेगा पेपर लीक”

केजरीवाल ने सवाल उठाते हुए कहा, “प्रश्नपत्रों को सेना के विमानों से ले जाना और टेलीग्राम बंद करना क्या पेपर लीक रोक देगा? बिल्कुल नहीं।”

उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक का कारोबार अरबों रुपये का है और इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम करता है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि इस धंधे से होने वाला पैसा सत्ता के शीर्ष स्तर तक पहुंचता है। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया।

विपक्ष भी उठा रहा सवाल

टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध को लेकर केवल आम आदमी पार्टी ही नहीं, बल्कि कई अन्य विपक्षी दलों ने भी केंद्र सरकार के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं। विपक्ष का कहना है कि पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का समाधान तकनीकी प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगाने से नहीं होगा।

क्यों लगाया गया टेलीग्राम पर प्रतिबंध?

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा से पहले टेलीग्राम ऐप पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। एजेंसी का कहना है कि यह कदम नकल कराने वाले गिरोहों और परीक्षा से जुड़ी भ्रामक सूचनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह के अनुसार, 22 जून तक टेलीग्राम पर प्रतिबंध इसलिए लगाया गया है ताकि 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।

ऐप स्टोर से हटाने के निर्देश

केंद्र सरकार ने गूगल और एप्पल को निर्देश दिया है कि वे 22 जून तक टेलीग्राम ऐप को अपने-अपने ऐप स्टोर से हटा दें। इस दौरान नए उपयोगकर्ता ऐप डाउनलोड नहीं कर सकेंगे।

पेपर लीक के आरोपों के बाद हुई पुनर्परीक्षा

गौरतलब है कि नीट-यूजी परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई। मामले की जांच फिलहाल केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। इसी के तहत 21 जून को पुनर्परीक्षा आयोजित की जानी है, जिसके मद्देनजर सुरक्षा और निगरानी के अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।


इसे भी पढ़ें : सिंधु जल संधि पर भारत के कदम से पाकिस्तान बेचैन, पूर्व भारतीय आयुक्त ने खोली पाक दावों की पोल


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