Breaking News

देवरिया: बरहज सीएचसी में प्रसूताओं से लापरवाही का आरोप: सुविधा शुल्क न मिलने पर ऑपरेशन में घंटों देरी, परिजनों का हंगामा

Published on: December 18, 2025
barhaj-chc-pregnant-women-operation-delay-facility-fee-allegation-deoria-news

जागृत भारत | देवरिया जिले के बरहज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में बुधवार को स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली उजागर हो गई। यहां तीन गर्भवती महिलाओं को कथित तौर पर सुविधा शुल्क न मिलने के कारण घंटों ऑपरेशन थिएटर में तड़पता छोड़ दिया गया। देर रात परिजनों के हंगामे के बाद आनन-फानन में ऑपरेशन किया गया।

प्रसव पीड़ा में अस्पताल पहुंचीं थीं महिलाएं

बरहज थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव की मनीषा पाल, मोहाव गांव की सुधा देवी और महुई गांव की करीना को प्रसव पीड़ा होने पर उनके परिजन सीएचसी बरहज लेकर पहुंचे थे। जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि सामान्य प्रसव संभव नहीं है और जच्चा-बच्चा की जान बचाने के लिए ऑपरेशन जरूरी है। परिजनों ने ऑपरेशन के लिए सहमति भी दे दी।

ऑपरेशन थिएटर में लिटाकर छोड़ देने का आरोप

परिजनों का आरोप है कि दोपहर में तीनों महिलाओं को ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट कर दिया गया, लेकिन इसके बाद डॉक्टर कथित रूप से सुविधा शुल्क की मांग करते हुए वहां से चले गए। जब परिजनों ने पैसे देने में असमर्थता जताई तो ऑपरेशन टाल दिया गया। आरोप है कि शाम से लेकर रात तक किसी भी डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी ने महिलाओं की सुध नहीं ली, जिससे उनकी हालत बिगड़ती चली गई।

रात में बिगड़ी हालत, भड़के परिजन

रात करीब 9:30 बजे महिलाओं की स्थिति गंभीर होने लगी। दर्द से कराहती महिलाओं को देखकर परिजन और तीमारदार भड़क उठे और स्वास्थ्य केंद्र परिसर में जमकर हंगामा किया। हंगामे की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद आनन-फानन में तीनों प्रसूताओं का ऑपरेशन किया गया, तब जाकर मामला शांत हुआ।

अधीक्षक ने आरोपों को बताया गलत

इस पूरे मामले पर सीएचसी प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय पाल ने परिजनों के सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की सुविधा शुल्क की मांग नहीं की गई है। ऑपरेशन में कुछ तकनीकी कारणों से देरी हुई थी, इसी बात को लेकर तीमारदारों से कहासुनी हुई, जिसके बाद हंगामा हुआ। उन्होंने बताया कि तीनों महिलाओं का ऑपरेशन सुरक्षित तरीके से किया गया है और फिलहाल उनकी हालत सामान्य है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं की सुरक्षा और समय पर इलाज को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

देवरिया विधायक शलभ मणि त्रिपाठी की सीएम योगी से मुलाकात, बस स्टैंड निर्माण और बीआरडी कॉलेज को विश्वविद्यालय बनाने की मांग


Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Read Also

Leave a Reply

error: Content is protected !!