Breaking News

नेपाल में भारतीय पर्यटकों की धूम: जून में 41,809 भारतीय पहुंचे, विदेशी सैलानियों में भारत पहले स्थान पर

Published on: July 5, 2026
Nepal attracts a surge of Indian tourists

जागृत भारत,काठमांडू : नेपाल में विदेशी पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और जून 2026 में भारत एक बार फिर सबसे बड़ा पर्यटन स्रोत बनकर उभरा है। नेपाल पर्यटन बोर्ड (Nepal Tourism Board) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जून महीने में 91,363 विदेशी पर्यटक नेपाल पहुंचे, जो पिछले वर्ष के इसी महीने की तुलना में 19.5 प्रतिशत अधिक हैं। यह आंकड़ा कोरोना महामारी से पहले के स्तर को भी पीछे छोड़ चुका है।

बोर्ड के मुताबिक, जून 2019 में नेपाल में 74,883 विदेशी पर्यटक आए थे, जबकि इस वर्ष जून में यह संख्या बढ़कर 91,363 हो गई, जो लगभग 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है।

भारतीय पर्यटक सबसे आगे

नेपाल आने वाले विदेशी पर्यटकों में भारत पहले स्थान पर रहा। जून 2026 में 41,809 भारतीय पर्यटक नेपाल पहुंचे, जो कुल विदेशी पर्यटकों का लगभग 45.76 प्रतिशत है।

शीर्ष पांच देशों से नेपाल पहुंचे पर्यटकों की संख्या इस प्रकार रही:

  • भारत – 41,809
  • अमेरिका – 11,836
  • चीन – 9,995
  • बांग्लादेश – 4,322
  • ऑस्ट्रेलिया – 2,896

चीन तीसरे स्थान पर

नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, अमेरिका दूसरे और चीन तीसरे स्थान पर रहा। जून में चीन से 9,995 पर्यटक नेपाल पहुंचे। हालांकि, चीन और नेपाल के करीबी राजनीतिक संबंधों के बावजूद भारतीय पर्यटकों की संख्या चीनी पर्यटकों से काफी अधिक रही।

दक्षिण एशिया से सबसे अधिक पर्यटक

आंकड़ों के अनुसार, नेपाल आने वाले कुल विदेशी पर्यटकों में 52.82 प्रतिशत दक्षिण एशियाई देशों से थे। इसके बाद अन्य एशियाई देशों की हिस्सेदारी 17.68 प्रतिशत और अमेरिका महाद्वीप की 14.36 प्रतिशत रही। नेपाल पर्यटन बोर्ड का कहना है कि लगातार बढ़ती पर्यटकों की संख्या यह संकेत देती है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल एक लोकप्रिय पर्यटन गंतव्य के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

कुछ भारतीय यात्रियों ने उठाए सवाल

हालांकि पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी के बीच कुछ भारतीय यात्रियों ने नेपाल में यात्रा के दौरान असुविधाओं की शिकायत भी की है। सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया कि निजी वाहनों के प्रवेश, परमिट और अन्य औपचारिकताओं के दौरान उन्हें अतिरिक्त शुल्क या कथित अवैध वसूली का सामना करना पड़ा।

हालांकि, इन शिकायतों पर संबंधित नेपाली अधिकारियों की ओर से प्रत्येक मामले में अलग-अलग प्रतिक्रिया रही है और सभी मामलों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा, सांस्कृतिक रिश्ते और धार्मिक पर्यटन दोनों देशों के लोगों को लगातार एक-दूसरे के करीब ला रहे हैं।


इसे भी पढ़ें : ऑपरेशन सिंदूर पर कांग्रेस का सरकार पर हमला, राजनाथ सिंह के इस्तीफे और विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव की मांग


Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply

error: Content is protected !!