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यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका: दिसंबर का बिल 5.56% बढ़ा, उपभोक्ताओं से वसूले जाएंगे 264 करोड़ रुपये

Published on: December 3, 2025
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जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए दिसंबर माह भारी पड़ने वाला है। पावर कॉर्पोरेशन ने आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि नवंबर में उपभोग की गई बिजली पर 5.56% अतिरिक्त ईंधन अधिभार (Fuel Surcharge) लगाया गया है। इस समायोजन के कारण राज्यभर के उपभोक्ताओं से 264 करोड़ रुपये अतिरिक्त वसूले जाएंगे।


UPPCL का आदेश: अब तक का सबसे अधिक Fuel Surcharge

पावर कॉर्पोरेशन के अनुसार सितंबर माह की बिजली उत्पादन लागत में आए अंतर को पूरा करने के लिए यह अधिभार लगाया गया है। जारी निर्देशों में कहा गया है कि—

  • इस बार लगाया गया ईंधन अधिभार राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे अधिक होने जा रहा है।

  • अधिभार को नवंबर की खपत के आधार पर दिसंबर के बिजली बिल में जोड़ा गया है।


उपभोक्ता परिषद का आरोप: 51,000 करोड़ सरप्लस फिर भी वसूली

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने ईंधन अधिभार वसूली पर सवाल उठाए हैं। वर्मा के अनुसार बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं का भारी सरप्लस पहले से जमा है:

  • इस वर्ष का सरप्लस: 18,592 करोड़ रुपये

  • पहले से लंबित राशि: 33,122 करोड़ रुपये

  • कुल सरप्लस: 51,000 करोड़ रुपये से अधिक

उन्होंने कहा कि जब कंपनियों पर उपभोक्ताओं की इतनी बड़ी राशि बकाया है, तब अतिरिक्त ईंधन अधिभार वसूलना उपभोक्ता हितों के खिलाफ है।


सरप्लस से समायोजन की मांग, आयोग से पुनर्विचार की तैयारी

अवधेश वर्मा ने कहा कि डिमांड बेस्ड टैरिफ लागू करते समय दावा किया गया था कि इससे उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा, लेकिन हकीकत उलट साबित हो रही है। उन्होंने मांग की—

  • ईंधन अधिभार शून्य किया जाए, या सरप्लस राशि से समायोजित किया जाए

उपभोक्ता परिषद इस मामले में विद्युत नियामक आयोग से पुनर्विचार की औपचारिक मांग करेगी।

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