Breaking News

यूपी में विज्ञान का चमत्कार: IVRI वैज्ञानिकों ने बनाई कैंसर पहचान किट, रक्त जाँच से 6 घंटे में मिलेगा सटीक परिणाम

Published on: December 9, 2025
ivri-cancer-detection-kit-blood-test

जागृत भारत | बरेली(Bareily): जनपद स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI) के वैज्ञानिकों ने चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्षों के अथक शोध के बाद, वैज्ञानिकों की एक टीम ने एक ऐसी किट विकसित की है जो रक्त के एक छोटे से नमूने (Blood Sample) से कैंसर की शुरुआती पहचान करने में सक्षम है। यह किट न केवल कैंसर का पता लगाने की प्रक्रिया को क्रांतिकारी बना देगी, बल्कि मात्र घंटे में परिणाम देकर रोग की शीघ्र पहचान और निदान में भी मदद करेगी।


मल्टीपल एलाइजा किट: तकनीक और क्षमता

IVRI के इम्युनोलॉजी विभाग की प्रधान वैज्ञानिक डॉ. सोनल, डॉ. समीर श्रीवास्तव और उनकी टीम ने इस खास किट को विकसित किया है।

  • क्या है यह किट: यह एक मल्टीपल एंटीजन एलाइजा किट है।

  • कार्यक्षमता: इसे कैंसर संबंधी कई बायोमार्कर (Biomarkers) को एक साथ पहचानने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह रक्त के नमूने की जांच करके ही शरीर में कैंसर की शुरुआत होने की आशंका को दर्शाती है।

  • समय पर निदान का महत्व: डॉ. सोनल के अनुसार, कैंसर से होने वाली मृत्यु दर को कम करने के लिए रोग की समय पर पहचान और निदान बेहद ज़रूरी है, और इसी दिशा में इस किट का विकास एक महत्वपूर्ण कदम है।


श्वानों पर सफल परीक्षण और मानव नमूनों की जांच

इस किट का परीक्षण सबसे पहले श्वानों (Dogs) पर किया गया, और यह सफल रहा। हाल के वर्षों में कुत्तों में कैंसर के मामले तेज़ी से बढ़े हैं, जिसके पीछे प्रदूषण, हानिकारक रसायनों का संपर्क, और असंतुलित आहार प्रमुख वजहें हैं। यह किट विशेष रूप से श्वानों में कैंसर की पहचान करने में सक्षम है।

  • मानव परीक्षण: वैज्ञानिकों ने वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ डॉ. आरके चितलांगिया के सहयोग से इस किट का परीक्षण मानव रक्त के नमूनों पर भी किया।

  • सकारात्मक परिणाम: शुरुआती तौर पर इसके परिणाम सकारात्मक रहे हैं।

  • बढ़ाया गया शोध का दायरा: डॉ. चितलांगिया ने इस शोध को और व्यापक बनाने का सुझाव दिया है, जिसके तहत डेढ़ से दो हजार लोगों के सैंपल की जांच करने की योजना है।


तेजी से पहचान, प्रभावी इलाज

इस किट की सबसे बड़ी खासियत इसकी गति है। जितनी जल्दी कैंसर की पहचान होगी, इलाज उतना ही प्रभावी और सफल होगा।

  • रूटीन स्क्रीनिंग में उपयोग: इस विकसित किट का उपयोग रूटीन स्क्रीनिंग (नियमित जांच) में भी किया जा सकता है, जिससे रोग की शुरुआती अवस्था में ही पहचान हो सकेगी जब उपचार सबसे अधिक कारगर होता है।

  • भविष्य का शोध: IVRI की प्रयोगशाला में कैंसर से लड़ने के लिए भविष्य की रणनीतियों पर भी काम चल रहा है। वैज्ञानिक इस समय कैंसर वैक्सीन और टारगेटेड थेरेपी के विकास पर शोध कर रहे हैं।

  • सेल लाइनों का विकास: टीम ने कैनाइन मैमरी कैंसर की कई सेल लाइनों को विकसित करने में भी सफलता हासिल की है। ये सेल लाइनें भविष्य में कैंसर के इलाज और अनुसंधान के लिए महत्वपूर्ण साधन साबित होंगी।

बड़ा तोहफा: यूपी में बिजली बिल का ‘वन टाइम’ भुगतान करने वालों को ब्याज से पूरी माफी, मूलधन में 25% की छूट

Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Read Also

Deoria Second Monday of Sawan

देवरिया: सावन के दूसरे सोमवार को नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, हर-हर महादेव से गूंजा परिसर

Deoria POCSO Act cases

देवरिया: पॉक्सो एक्ट के मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार, मलसी चौराहे से बघौचघाट पुलिस ने दबोचा

Abhishek Banerjee abroad

अभिषेक बनर्जी ने विदेश में आंखों के इलाज की अनुमति न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट का खटखटाया दरवाजा

SP-BSP regarding PDA

PDA को लेकर सपा-बसपा में जुबानी जंग तेज, आकाश आनंद बोले- ‘सपा का असली मतलब पब्लिक डराओ अभियान’

Pakistani flags in Kushinagar

कुशीनगर में पाकिस्तानी झंडे के साथ फोटो पोस्ट करने का आरोप, पुलिस ने युवक को किया गिरफ्तार

China in the South China Sea conflict

दक्षिण चीन सागर संघर्ष में चीन ने एक साल बाद मानी 2 सैनिकों की मौत, फिलीपींस से टकराव में गई थी जान

Leave a Reply

error: Content is protected !!