Breaking News

314 दिन, 25,500 समुद्री मील और 4 महासागर… IASV त्रिवेणी की महिला क्रू का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया सम्मान

Published on: July 31, 2026
314 days, 25,500 nautical miles

जागृत भारत,नई दिल्ली : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को ऐतिहासिक ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ अभियान सफलतापूर्वक पूरा करने वाली IASV त्रिवेणी की तीनों सेनाओं की महिला क्रू टीम को सम्मानित किया। नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने 314 दिनों तक चार महासागरों में लगभग 25,500 समुद्री मील की चुनौतीपूर्ण समुद्री यात्रा पूरी करने पर महिला अधिकारियों के साहस, धैर्य और समर्पण की सराहना की।

रक्षा मंत्री ने इस उपलब्धि को ‘नारी शक्ति’, आत्मविश्वास और भारतीय थल सेना, नौसेना तथा वायु सेना के बीच उत्कृष्ट समन्वय का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह मिशन दिखाता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और टीमवर्क के बल पर कोई भी चुनौती असंभव नहीं होती।

महिला अधिकारियों ने साझा किए अभियान के अनुभव

सम्मान समारोह के दौरान महिला अधिकारियों ने रक्षा मंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि 314 दिनों की इस लंबी समुद्री यात्रा के दौरान उन्हें कठिन मौसम, शारीरिक और मानसिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन देश का गौरव बढ़ाने के संकल्प ने उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

‘नारी शक्ति का प्रेरणादायक उदाहरण’

राजनाथ सिंह ने कहा कि IASV त्रिवेणी की महिला टीम ने उन सभी रूढ़ियों को तोड़ दिया है, जिनमें माना जाता था कि महिलाएं कठिन सैन्य अभियानों को सफलतापूर्वक पूरा नहीं कर सकतीं। उन्होंने कहा,

“आपने साबित कर दिया है कि शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती और नेतृत्व किसी जेंडर तक सीमित नहीं हैं। भारत की हर बेटी आपसे प्रेरणा लेकर यह विश्वास कर सकती है कि वह भी दुनिया की हर चुनौती को पार कर सकती है।”

तीनों सेनाओं के संयुक्त अभियान की मिसाल

रक्षा मंत्री ने कहा कि यह मिशन भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना के संयुक्त संचालन का उत्कृष्ट उदाहरण है। तीनों सेनाओं की महिला अधिकारियों ने एक ही जहाज पर एकजुट होकर इस अभियान को सफल बनाया, जो भविष्य के संयुक्त सैन्य अभियानों के लिए भी प्रेरणादायक है।

उन्होंने कहा, “जब हम एक साथ आगे बढ़ते हैं तो कोई भी लक्ष्य इतना बड़ा नहीं होता जिसे हासिल न किया जा सके।”

दुनिया को दिया भारत की क्षमता का संदेश

राजनाथ सिंह ने कहा कि IASV त्रिवेणी केवल एक समुद्री अभियान नहीं था, बल्कि इसने दुनिया के सामने भारत की स्वदेशी तकनीक, इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और बढ़ती समुद्री क्षमता का भी परिचय कराया। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने यह संदेश दिया है कि भारत अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है।

गौरतलब है कि ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ अभियान की शुरुआत 11 सितंबर 2025 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रक्षा मंत्री ने हरी झंडी दिखाकर की थी। अभियान पूरा होने के बाद 22 जुलाई 2026 को मुंबई पहुंची IASV त्रिवेणी की टीम का उन्होंने वर्चुअल माध्यम से स्वागत भी किया था।



Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Read Also

Deoria Second Monday of Sawan

देवरिया: सावन के दूसरे सोमवार को नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, हर-हर महादेव से गूंजा परिसर

Deoria POCSO Act cases

देवरिया: पॉक्सो एक्ट के मामले में वांछित आरोपी गिरफ्तार, मलसी चौराहे से बघौचघाट पुलिस ने दबोचा

Abhishek Banerjee abroad

अभिषेक बनर्जी ने विदेश में आंखों के इलाज की अनुमति न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट का खटखटाया दरवाजा

SP-BSP regarding PDA

PDA को लेकर सपा-बसपा में जुबानी जंग तेज, आकाश आनंद बोले- ‘सपा का असली मतलब पब्लिक डराओ अभियान’

Pakistani flags in Kushinagar

कुशीनगर में पाकिस्तानी झंडे के साथ फोटो पोस्ट करने का आरोप, पुलिस ने युवक को किया गिरफ्तार

China in the South China Sea conflict

दक्षिण चीन सागर संघर्ष में चीन ने एक साल बाद मानी 2 सैनिकों की मौत, फिलीपींस से टकराव में गई थी जान

Leave a Reply

error: Content is protected !!