जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): राजधानी के नाका थाना क्षेत्र में शनिवार रात उस वक्त हंगामा मच गया जब पुलिस ने बासमंडी चौराहे पर एक संदिग्ध कार को रोक लिया। कार में तीन युवक और एक महिला शराब पीते हुए मिले। रोकने पर महिला ने न केवल दारोगा की वर्दी फाड़ दी, बल्कि थाने ले जाने पर महिला सिपाहियों पर भी चप्पल से हमला कर दिया। इस घटना से थाने का माहौल कुछ समय के लिए तनावपूर्ण हो गया।
नाका थाने के अतिरिक्त निरीक्षक बैजनाथ के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों में आशियाना की एलडीए कॉलोनी निवासी मानसी पांडेय, छत्तीसगढ़ निवासी अतुल जोशी, मुंबई निवासी शुभम पटेल और इंदिरानगर के अरावली मार्ग निवासी गौरव शुक्ला शामिल हैं।
घटना कैसे शुरू हुई:
दारोगा अमजद अली अपने हमराही सिपाहियों अशोक और अनूप के साथ 10 नवंबर की रात गश्त पर थे। इसी दौरान उन्होंने बासमंडी चौराहे पर एक संदिग्ध कार खड़ी देखी। कार में तीन पुरुष और एक महिला शराब पी रहे थे। जब पुलिस ने पूछताछ की तो महिला ने तुरंत गाली-गलौज शुरू कर दी और दारोगा को निलंबित कराने की धमकी देते हुए उनका गिरेबान पकड़कर वर्दी फाड़ दी।
महिला पुलिस को भी नहीं छोड़ा:
स्थिति को संभालने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को बुलाया गया। हेड कांस्टेबल रानी वर्मा, शशि देवी, कांस्टेबल किरन और फरहीन रिजवी मौके पर पहुंचीं। लेकिन महिला मानसी पांडेय ने उनका भी विरोध किया और सिपाही फरहीन रिजवी व किरन के हाथों पर दांत से काट लिया।
पुलिस किसी तरह चारों आरोपियों को थाने लाई, लेकिन वहां भी महिला ने दोबारा हंगामा कर दिया। उसने थाने में मौजूद महिला सिपाहियों पर चप्पल से हमला कर दिया। पुलिसकर्मियों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ।
चारों आरोपित गिरफ्तार:
घटना में घायल महिला सिपाहियों को प्राथमिक उपचार के लिए बलरामपुर अस्पताल भेजा गया। नाका पुलिस ने उपनिरीक्षक अमजद अली की तहरीर पर चारों के खिलाफ मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा, गाली-गलौज और धमकी जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
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