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स्वतंत्रता दिवस पर बेटे की तस्वीर देख फूट-फूटकर रोईं भरत तिवारी की मां, बोलीं- दोषी पुलिसकर्मियों को सजा मिले तभी मिलेगा न्याय

Published on: August 16, 2026
Son's Independence Day

जागृत भारत,आरा : देशभर में शनिवार को स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया गया। जगह-जगह तिरंगा फहराया गया और स्वतंत्रता संग्राम के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। लेकिन भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में स्वतंत्रता दिवस का माहौल एक परिवार के लिए बेहद भावुक रहा।

बिलौटी गांव निवासी भरत तिवारी के घर पर भी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। इस दौरान जैसे ही उनकी मां आशा देवी की नजर बेटे की तस्वीर पर पड़ी, वह अपने आंसू नहीं रोक सकीं और फूट-फूटकर रोने लगीं। उन्हें रोता देखकर मौके पर मौजूद ग्रामीण और परिवार के अन्य सदस्य भी भावुक हो गए।

बेटे की मौत के बाद न्याय की मांग

भरत तिवारी की 17 जून 2026 को कथित पुलिस एनकाउंटर में गोली लगने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई थी। उनकी मौत के बाद से ही मां आशा देवी लगातार बेटे को न्याय दिलाने की मांग कर रही हैं। आशा देवी का कहना है कि जब तक उनके बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा। वह दोषी पुलिसकर्मियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग कर रही हैं।

स्वतंत्रता दिवस पर ध्वजारोहण के बाद बेटे की तस्वीर सामने आते ही आशा देवी भावुक हो गईं। उनके रोने का वीडियो और तस्वीरें देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।

ग्रामीणों के मुताबिक जनहित के मुद्दों को उठाते थे भरत

ग्रामीणों का कहना है कि भरत तिवारी गंगा नदी के कटाव से प्रभावित जवैनिया गांव के लोगों की समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठा रहे थे। बताया गया कि वह प्रभावित परिवारों को सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर बसाने तथा उन्हें मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे थे।

इसी दौरान उनकी पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। घटना के बाद से परिवार लगातार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।

सरकार ने गठित किया न्यायिक जांच आयोग

भरत तिवारी की मौत को लेकर विवाद बढ़ने के बाद राज्य सरकार की ओर से न्यायिक जांच आयोग का गठन किया गया है। आयोग पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है और मामले से जुड़े तथ्यों को सामने लाने की प्रक्रिया जारी है।

वहीं, सरकार की ओर से न्यायिक जांच की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गई है।

हालांकि, परिवार का कहना है कि उनकी प्राथमिक मांग मुआवजा या नौकरी नहीं, बल्कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई है। आशा देवी लगातार कह रही हैं कि बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलने के बाद ही उन्हें वास्तविक न्याय मिलेगा।

स्वतंत्रता दिवस पर फिर छलका मां का दर्द

देश जब स्वतंत्रता दिवस के मौके पर आजादी का जश्न मना रहा था, उसी समय भरत तिवारी की मां अपने बेटे की तस्वीर के सामने आंसू बहा रही थीं। ध्वजारोहण के दौरान परिवार ने राष्ट्रीय ध्वज को सम्मान दिया, लेकिन बेटे की याद ने पूरे माहौल को गमगीन कर दिया।

परिवार और ग्रामीणों की निगाहें अब न्यायिक जांच के अंतिम नतीजे पर टिकी हैं। परिजनों को उम्मीद है कि जांच के बाद घटना की वास्तविकता सामने आएगी और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई होगी।



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