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ईरान का अमेरिका को दो टूक जवाब: ‘अपनी शर्तों पर ही होगी बातचीत’, होर्मुज को लेकर भी सख्त रुख

Published on: August 16, 2026
Iran bluntly tells America

जागृत भारत,तेहरान : अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी दबाव में आकर वॉशिंगटन से बातचीत नहीं करेगा। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि कतर और पाकिस्तान के जरिए अमेरिका के साथ संदेशों का आदान-प्रदान जरूर हो रहा है, लेकिन इसे औपचारिक बातचीत नहीं माना जा सकता। तेहरान ने अभी अमेरिका के साथ सीधे वार्ता फिर से शुरू करने का फैसला नहीं किया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका के साथ बातचीत को लेकर नेतृत्व स्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है। तेहरान को आशंका है कि बातचीत के नाम पर अमेरिका फिर कोई ऐसा कदम उठा सकता है, जिससे संघर्ष की स्थिति पैदा हो जाए।

‘अमेरिका युद्ध के लिए जिम्मेदार’

अराघची ने जून में पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए समझौता ज्ञापन के बाद दोबारा संघर्ष शुरू होने के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि युद्ध से बाहर निकलने के लिए एक नया रास्ता तलाशना जरूरी है। ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि उनका देश युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करना चाहता है, लेकिन इसके लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी होगी जिसमें ईरान के हितों और सुरक्षा की गारंटी हो।

होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी ईरान ने अपना रुख सख्त रखा है। अराघची के मुताबिक, इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही को लेकर ओमान के साथ तकनीकी स्तर पर बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल एक वैकल्पिक और अस्थायी समुद्री मार्ग तैयार करने पर काम हो रहा है, जिसे आगे चलकर स्थायी व्यवस्था में बदला जा सकता है। हालांकि, होर्मुज से सामान्य शिपिंग ट्रैफिक कब शुरू होगा, यह कई शर्तों के पूरा होने पर निर्भर करेगा।

ट्रंप के बयान से बढ़ा तनाव

अराघची की टिप्पणी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस कथित बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने ईरान पर जीत के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिका का क्षेत्र घोषित करने की बात कही। ट्रंप के बयान पर ईरानी अधिकारियों ने कड़ा विरोध जताया है। ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान का था, ईरान का है और ईरान का ही रहेगा।

होर्मुज क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा मार्गों में से एक है। फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला यह संकरा समुद्री रास्ता वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद अहम है।

ऐसे में यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने पर सिर्फ ईरान और अमेरिका ही नहीं, बल्कि पूरी वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार पर असर पड़ सकता है। फिलहाल ईरान के रुख से साफ है कि तेहरान तत्काल अमेरिकी दबाव में बातचीत शुरू करने के पक्ष में नहीं है। दूसरी ओर, होर्मुज को लेकर दोनों देशों के बीच बयानबाजी ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है।


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