Breaking News

UP के जिला पंचायतों में भवनों के मानचित्र पास करने की अब दूर होंगी दिक्कतें, योगी सरकार ने बनाया खास ‘मास्टर प्लान’

Published on: February 5, 2026
up-district-panchayat-building-map-approval-master-plan-yogi-government

जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायतों द्वारा भवन मानचित्र स्वीकृति में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब पूरी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पंचायती राज विभाग ने एक विशेष समिति और सेल का गठन किया है। इसका मकसद ग्रामीण क्षेत्रों में सुनियोजित विकास को बढ़ावा देना और आम लोगों को अनावश्यक परेशानियों से राहत देना है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बनी नई व्यवस्था

विकास प्राधिकरण और जिला पंचायतों के बीच मानचित्र स्वीकृति को लेकर बढ़ते विवादों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग तथा पंचायती राज विभाग के अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक बुलाई थी। बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे विवाद समाप्त हों और ग्रामीण क्षेत्रों में बिना परेशानी के योजनाबद्ध विकास हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पहले से बने भवन संबंधित बिल्डिंग बाइलाज के अनुरूप हैं तो उन्हें ध्वस्त न किया जाए।

नियमों और उपविधियों में संशोधन पर भी होगा विचार

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद संबंधित विभागों को जरूरत के अनुसार नियमावली और भवन उपविधियों में संशोधन करने के निर्देश दिए गए। इसके तहत पंचायती राज के विशेष सचिव राजेश कुमार त्यागी की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया है। समिति में सेवानिवृत्त अपर मुख्य अधिकारी विनय सिंह सिरोही, विशेष आमंत्री जीएस गोयल और अधीक्षण अभियंता प्रवीण कुमार को सदस्य बनाया गया है।

विशेषज्ञ समिति करेगी विस्तृत अध्ययन और देगी सुझाव

समिति मौजूदा कानून, नियमावली और भवन उपविधियों का अध्ययन कर 15 फरवरी तक अपनी रिपोर्ट देगी। इसके अलावा समिति जिला पंचायतों और अनुश्रवण प्रकोष्ठ के स्तर पर इम्पैनल किए जाने वाले आर्किटेक्ट और तकनीकी विशेषज्ञों की योग्यता तथा उनके कार्यों का भी प्रस्ताव तैयार करेगी। समिति भारत सरकार की ग्रामीण क्षेत्र विकास योजना निर्माण एवं कार्यान्वयन निर्देश-2021, आवास विभाग की भवन निर्माण उपविधि और मॉडल जोनिंग रेगुलेशंस-2025 का अध्ययन कर सुझाव देगी।

पारदर्शिता और समन्वय बढ़ाने के लिए नए प्रावधान

समिति जिला पंचायत अधिनियम-1961 और मानक उपविधियों में आवश्यक संशोधन का प्रस्ताव भी तैयार करेगी ताकि मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी हो सके। साथ ही विकास प्राधिकरणों और जिला पंचायतों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा शिकायतों के प्रभावी निस्तारण की व्यवस्था पर भी सुझाव दिए जाएंगे।

समिति की मदद के लिए अलग सेल का गठन

समिति के कार्यों में सहयोग के लिए लखनऊ जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी प्रणव पाण्डेय की अध्यक्षता में एक अलग सेल भी बनाया गया है। इस सेल में जिला पंचायत गोंडा के अभियंता शशि यादव और लखनऊ जिला पंचायत के कार्य अधिकारी शिवाल तिवारी को सदस्य बनाया गया है, जो समिति को तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग प्रदान करेंगे।

UP Missing Crisis: दो साल में 1.08 लाख लोग लापता, सिर्फ 9700 का ही सुराग; हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर मांगा जवाब, आज अहम सुनवाई

Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply

error: Content is protected !!