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यूपी कांग्रेस में बड़ा बदलाव, राजेंद्र पाल गौतम बने प्रदेश प्रभारी; 2027 चुनाव से पहले दलित-ओबीसी रणनीति पर फोकस

Published on: June 28, 2026
Major reshuffle in UP Congress
जागृत भारत,लखनऊ : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के बीच कांग्रेस ने अपने संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए राजेंद्र पाल गौतम को उत्तर प्रदेश का नया प्रभारी नियुक्त किया है। इस पद पर अब तक अविनाश पांडे जिम्मेदारी संभाल रहे थे। चुनावी माहौल बनने से पहले हुए इस बदलाव को कांग्रेस की नई राजनीतिक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
राजेंद्र पाल गौतम की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब हाल ही में उनकी बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती से मुलाकात की कोशिश चर्चा का विषय बनी थी। इस घटनाक्रम के बाद उनकी नई जिम्मेदारी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई अटकलों को जन्म दे दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस अब राज्य में दलित और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के वोट बैंक पर अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। अब तक पार्टी प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और पूर्व प्रभारी अविनाश पांडे के नेतृत्व में सवर्ण मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करती नजर आ रही थी, लेकिन राजेंद्र पाल गौतम की नियुक्ति को सामाजिक न्याय की राजनीति को मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
राजेंद्र पाल गौतम अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। वह दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। पेशे से वकील गौतम को अंबेडकरवादी विचारधारा और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर मुखर नेता माना जाता है।
पिछले महीने लखनऊ दौरे के दौरान वह कांग्रेस अनुसूचित जाति एवं जनजाति विभाग की बैठक में शामिल होने आए थे। इस दौरान सांसद तनुज पुनिया के साथ उन्होंने मायावती से मिलने का प्रयास किया था, हालांकि पूर्व निर्धारित समय न होने के कारण मुलाकात नहीं हो सकी। बाद में उन्होंने कहा था कि वह मायावती का हालचाल जानने के उद्देश्य से उनके आवास गए थे।
उनकी नियुक्ति के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि कांग्रेस दलित राजनीति को मजबूत करने के साथ-साथ विपक्षी दलों के बीच बेहतर तालमेल की संभावनाओं पर भी काम कर सकती है। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
इस बीच समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में विपक्षी गठबंधन का स्वरूप लोकसभा चुनाव 2024 जैसा ही रहने की उम्मीद है। ऐसे में कांग्रेस की नई संगठनात्मक रणनीति गठबंधन की राजनीति और सीटों के बंटवारे पर भी असर डाल सकती है।
वहीं, अविनाश पांडे को प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है। उन्होंने दिसंबर 2023 में यह जिम्मेदारी संभाली थी और लोकसभा चुनाव 2024 में उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस चुनाव में कांग्रेस ने छह सीटों पर जीत दर्ज की थी, जो पिछले दो लोकसभा चुनावों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन माना गया।
इसके अलावा, ओडिशा कांग्रेस के प्रभारी अजय कुमार लल्लू को भी उनकी जिम्मेदारी से मुक्त किया गया है। ऐसे में उत्तर प्रदेश की संगठनात्मक राजनीति में उनकी भूमिका को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

इसे भी पढ़ें : ईरान ने पीएम मोदी को भेजा खास न्योता, खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल होने का आमंत्रण


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