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29 साल बाद जिंदा लौटे ‘मृत’ समझे गए बड़े मियां, SIR प्रक्रिया बनी बिछड़े परिवार के मिलन की वजह

Published on: January 2, 2026
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जागृत भारत | मुजफ्फरनगर(Muzaffarnagar): कस्बा खतौली के मुहल्ला बालकराम निवासी 79 वर्षीय शरीफ अहमद की घर वापसी ने पूरे इलाके को भावुक कर दिया। लगभग 29 वर्ष पहले घर से निकले शरीफ अहमद को उनके स्वजन मृत मान चुके थे, लेकिन अचानक उनकी वापसी से परिवार में खुशी का माहौल बन गया।

तीन दशक पहले बंगाल चले गए थे शरीफ अहमद

करीब तीन दशक पहले शरीफ अहमद रोज़गार की तलाश में पश्चिम बंगाल चले गए थे। समय बीतने के साथ परिवार से उनका संपर्क पूरी तरह टूट गया। स्वजन ने उन्हें खोजने की भरसक कोशिश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। वर्षों तक कोई संपर्क न होने के कारण परिवार ने मान लिया कि अब वे इस दुनिया में नहीं हैं।

SIR प्रक्रिया बनी घर लौटने की वजह

हाल ही में पश्चिम बंगाल में एसआईआर (Special Intensive Revision) प्रक्रिया शुरू हुई, जिसमें दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ी। इसी कारण शरीफ अहमद को अपने पैतृक दस्तावेज लेने के लिए खतौली स्थित घर आना पड़ा। जैसे ही उन्होंने घर की दहलीज पर कदम रखा, मृत मान चुके बड़े मियां को देखकर स्वजनों की आंखों से आंसू छलक पड़े।

लिपटकर रो पड़े स्वजन, भावुक हुआ माहौल

घर में मौजूद लोग शरीफ अहमद को देखकर भावुक हो गए। स्वजन उनसे लिपट गए और रो पड़े। वर्षों बाद यह दृश्य देख मोहल्ले में भी चर्चा फैल गई। पड़ोसी और रिश्तेदार बड़ी संख्या में उनसे मिलने पहुंचे। बिछड़े बड़े मियां को देखकर हर आंख नम हो गई।

परिवार बढ़ा, कई अपने दुनिया छोड़ चुके

इतने लंबे समय बाद परिवार में नए सदस्यों को देखकर शरीफ अहमद बेहद खुश हुए। हालांकि इस दौरान उन्हें कई करीबी रिश्तेदारों के निधन की जानकारी भी मिली, जिससे वे बेहद भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि समय ने बहुत कुछ बदल दिया है, लेकिन अपनों से मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं।

कस्बे में आए बदलाव देख हुए हैरान

शरीफ अहमद ने बताया कि खतौली कस्बे में अब काफी बदलाव आ चुका है। पुराने दिनों की तुलना में कस्बा काफी विकसित हो गया है। उन्होंने परिवार के साथ बैठकर पुराने किस्से साझा किए और भविष्य में हमेशा संपर्क में रहने का वादा किया।

भतीजे ने बताई पूरी कहानी

शरीफ अहमद के भतीजे वसीम ने बताया कि लंबे समय तक संपर्क न होने के कारण परिवार ने उन्हें मृत मान लिया था। एसआईआर प्रक्रिया के चलते ही चाचा की घर वापसी संभव हो सकी। वसीम ने कहा कि इस अप्रत्याशित मुलाकात से पूरा परिवार बेहद खुश है।

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