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श्रीलंका की नेगोम्बो जेल में खूनी संघर्ष: दो दिनों की हिंसा में 25 कैदियों की मौत, जांच के आदेश

Published on: July 7, 2026
Bloody clash in Sri Lanka's Negombo prison

जागृत भारत,कोलंबो : श्रीलंका के पश्चिमी तटीय शहर नेगोम्बो की जेल में कैदियों के बीच हुई हिंसक झड़पों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, क्षमता से अधिक कैदियों वाली इस जेल में रविवार को दो गुटों के बीच विवाद शुरू हुआ, जो सोमवार को और अधिक हिंसक हो गया। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को उपद्रवी कैदियों ने कथित तौर पर जेल में मौजूद हथियारों पर कब्जा कर लिया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को बुलाना पड़ा।

72 लोग घायल

नेगोम्बो अस्पताल के निदेशक पुष्पा गमलथ के अनुसार, दो दिनों तक चली हिंसा में 25 लोगों की मौत हुई है, जबकि 72 अन्य घायल हुए हैं। घायलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है।

मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर विवाद की आशंका

प्रारंभिक जांच में अधिकारियों ने आशंका जताई है कि हिंसा की वजह जेल के भीतर कथित मादक पदार्थों की तस्करी का समर्थन करने वाले और उसका विरोध करने वाले कैदियों के गुटों के बीच विवाद हो सकता है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।

जेल में बढ़ाई गई सुरक्षा

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस के विशेष कार्य बल (STF) और दंगा नियंत्रण इकाइयों को जेल परिसर में तैनात किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, हिंसा के बाद तीन कैदियों को सुरक्षा कारणों से पल्लानसेना जेल शिविर में स्थानांतरित किया गया है।

उच्चस्तरीय जांच के आदेश

जेल विभाग के प्रवक्ता ए.सी. गजनायके ने बताया कि जेल महानिदेशक के निर्देश पर घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल गठित किया गया है। इसके अलावा पुलिस भी मामले की अलग से जांच कर रही है। वहीं, श्रीलंका के न्याय मंत्री हर्षणा नानायक्कारा ने नेगोम्बो जेल में हुई हिंसा पर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। घटना के संबंध में मजिस्ट्रेट स्तर पर भी जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच के बाद हिंसा के कारणों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


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