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आगरा में चौंकाने वाला मामला: मृत घोषित महिला अंतिम संस्कार से पहले हुई जिंदा, बोलीं- ‘मुझे कहां ले जा रहे हो?’

Published on: July 31, 2026
Shocking incident in Agra

जागृत भारत,आगरा : ताजनगरी आगरा से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। बरेली के एक निजी अस्पताल में मृत घोषित की गई 65 वर्षीय महिला अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच अचानक जीवित हो उठीं। परिजनों के मुताबिक, उन्होंने अपने दामाद का हाथ पकड़कर कहा, “मुझे कहां ले जा रहे हो? मैं जिंदा हूं।” इस घटना के बाद परिवार और आसपास के लोग स्तब्ध रह गए।

अस्पताल ने किया था मृत घोषित

मामला आगरा के ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र स्थित श्रीनगर कॉलोनी का है। 65 वर्षीय शीला देवी लंबे समय से लिवर और सांस संबंधी बीमारी से पीड़ित थीं। करीब डेढ़ महीने पहले वह इलाज के लिए अपने बेटे संजीव माहौर के पास बदायूं गई थीं।

सोमवार को तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां मंगलवार को वेंटिलेटर पर रखा गया। परिजनों का आरोप है कि बुधवार तड़के करीब तीन बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच लौटीं सांसें

डॉक्टरों के मृत घोषित करने के बाद परिजन एंबुलेंस से शाम करीब सात बजे शीला देवी का शव आगरा स्थित घर ले आए। घर में अंतिम दर्शन की व्यवस्था की गई और अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो गईं। रिश्तेदार पहुंचने लगे और फूल-मालाएं भी मंगवा ली गई थीं। इसी दौरान रात करीब आठ बजे अचानक उनके शरीर में हलचल दिखाई दी।

दामाद का हाथ पकड़कर बोलीं— “मैं जिंदा हूं”

परिजनों के अनुसार, जब दामाद ने अंतिम श्रद्धांजलि देते हुए उनके पैर छुए तो शीला देवी ने उनका हाथ पकड़ लिया। इसके बाद उन्होंने कहा,

“तुम मेरे पैर क्यों छू रहे हो? मुझे कहां ले जा रहे हो? मैं जिंदा हूं। तुम सब रो क्यों रहे हो?”

महिला की आवाज सुनते ही घर में मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। कुछ देर तक किसी को समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है।

तुरंत अस्पताल में कराया गया भर्ती

घटना के बाद परिजनों ने बिना देर किए शीला देवी को आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उन्हें वेंटिलेटर पर रखकर उपचार दिया जा रहा है। डॉक्टर उनकी हालत पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

मोहल्ले में चर्चा का विषय बनी घटना

पड़ोसी श्याम किशोर शर्मा ने बताया कि एंबुलेंस से शव घर लाया गया था और अंतिम संस्कार की पूरी तैयारी चल रही थी। महिला के अचानक जीवित होने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए। इलाके में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस महिला को अस्पताल ने मृत घोषित कर दिया था, उसकी सांसें आखिर कैसे लौट आईं।

अस्पताल की ओर से नहीं आया कोई बयान

फिलहाल, जिस निजी अस्पताल ने शीला देवी को मृत घोषित किया था, उसकी ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, परिजनों का कहना है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मृत घोषित करने में कहीं कोई चिकित्सीय चूक तो नहीं हुई।


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