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छपरा में दर्दनाक हादसा: अंगीठी के धुएं ने छीनी एडीसीओ के दो मासूमों समेत चार की जान, पत्नी व रिश्तेदारों की हालत नाजुक

Published on: December 28, 2025
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जागृत भारत | छपरा(Chhapra): बिहार के छपरा में शुक्रवार देर रात एक हृदय विदारक हादसे ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को झकझोर कर रख दिया। अपर जिला सहकारी अधिकारी विजय कुमार के परिवार में अंगीठी से निकले जहरीले धुएं के कारण दो मासूम बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में उनकी पत्नी अंजलि सहित तीन अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है।

एक कमरे में सो रहा था पूरा परिवार

घटना भगवान बाजार थाना क्षेत्र के अंबिका कॉलोनी की है, जहां विजय कुमार की पत्नी अंजलि अपने मायके में बच्चों के साथ ठहरी हुई थीं। अत्यधिक ठंड के कारण परिवार के सात सदस्य एक ही कमरे में सो रहे थे। ठंड से बचने के लिए कमरे में अंगीठी जलाई गई, जो पूरी रात सुलगती रही।

कार्बन मोनो ऑक्साइड बना मौत की वजह

बंद कमरे में अंगीठी से निकली कार्बन मोनो ऑक्साइड गैस भरती चली गई। ऑक्सीजन का स्तर तेजी से घटने के कारण सभी लोग गहरी नींद में बेहोश हो गए। किसी को भी खतरे का अंदेशा नहीं हो सका। तड़के एक सदस्य को घुटन महसूस हुई और उसने किसी तरह बाहर निकलकर शोर मचाया।

चार लोगों की मौके पर मौत, तीन गंभीर

परिजन जब तक कुछ कर पाते, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने तीन वर्षीय तेजस, सात माह की गुड़िया, सास कमलावती देवी और साढ़ू के चार वर्षीय बेटे अध्याय को मृत घोषित कर दिया। पत्नी अंजलि, साले अमित कुमार और साढ़ू की पत्नी अमीषा का इलाज सदर अस्पताल छपरा में चल रहा है।

सूचना मिलते ही छपरा पहुंचे एडीसीओ

घटना की जानकारी शनिवार सुबह जैसे ही विजय कुमार को मिली, वे तुरंत वाराणसी से छपरा के लिए रवाना हो गए। अपने बच्चों और सास को खोने के बाद वे गहरे सदमे में हैं। वाराणसी स्थित उनके आवास पर सहकारिता विभाग के कई अधिकारी पहुंचे, लेकिन एडीसीओ से मुलाकात नहीं हो सकी।

प्रशासन और विभाग में शोक की लहर

घटना की सूचना मिलते ही एएसपी राम पुकार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने कमरे की जांच कर प्रारंभिक रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि की है। सहकारिता विभाग में इस घटना के बाद शोक का माहौल है और सभी अधिकारी परिवार के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

ठंड में अंगीठी के इस्तेमाल पर चेतावनी

यह हादसा एक बार फिर ठंड के मौसम में बंद कमरे में अंगीठी या कोयले के उपयोग के खतरे को उजागर करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, बिना वेंटिलेशन के अंगीठी का प्रयोग जानलेवा साबित हो सकता है।

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