Breaking News

जातीय रैलियों पर रोक को लेकर हाईकोर्ट सख्त, आदेशों के पूर्ण पालन से घटेगी सामाजिक वैमनस्यता

Published on: February 4, 2026
up-highcourt-caste-rallies-ban-strict-implementation-order

जागृत भारत | लखनऊ(Lucknow): इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश में राजनीतिक जातीय रैलियों पर रोक संबंधी आदेशों के प्रभावी और सख्त पालन पर जोर दिया है। कोर्ट ने कहा कि संबंधित नियमों और कानूनों का सही तरीके से अनुपालन होने पर समाज में फैल रही जातीय वैमनस्यता को कम किया जा सकता है।

बच्चों में अच्छे संस्कार ही स्थायी समाधान

खंडपीठ ने टिप्पणी की कि बच्चों में बचपन से ही अच्छे संस्कार डालना जातीयता की समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। इसी टिप्पणी के साथ कोर्ट ने राजनीतिक जातीय रैलियों पर रोक से संबंधित वर्ष 2013 की जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया।

2013 में दाखिल हुई थी जनहित याचिका

यह फैसला न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने अधिवक्ता मोतीलाल यादव द्वारा दाखिल जनहित याचिका पर सुनाया। याचिका में प्रदेश में चुनावों से पहले होने वाली जातीय रैलियों पर रोक लगाने के निर्देश देने की मांग की गई थी।

चुनावों से पहले बढ़ रही थी जातीय राजनीति

याची का कहना था कि वर्ष 2013 में आगामी चुनावों के मद्देनजर प्रदेश में अंधाधुंध जातीय रैलियां आयोजित की जा रही थीं, जिससे समाज में आपसी वैमनस्य और तनाव बढ़ रहा था। ऐसे में चुनाव से पहले इन गतिविधियों पर सख्त रोक आवश्यक थी।

जातीय महिमामंडन को बताया गया था असंवैधानिक

कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि हाल के वर्षों में हाईकोर्ट की एकल पीठ ने जातीय महिमामंडन को संवैधानिक नैतिकता का उल्लंघन करार दिया था। साथ ही आपराधिक मामलों के दस्तावेजों में जाति का उल्लेख किए जाने पर भी सख्त आपत्ति जताई गई थी।

सितंबर 2025 में जारी हुआ था शासनादेश

इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार ने सितंबर 2025 में सरकारी कार्यवाही और दस्तावेजों में जातीय पहचान दर्ज न करने का आदेश जारी किया था। हाईकोर्ट ने अब उसी शासनादेश के सख्ती से प्रभावी पालन के निर्देश देते हुए जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया।

महोबा : चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत फिर सख्त, बोले– जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री को भी रोकने से नहीं हिचकेंगे

Discover more from jagrutbharat.com :: जागृत भारत

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Reply

error: Content is protected !!